कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण खबर, अब जुलाई से होगी इस भत्ते में कटौती, जानें किन पर पड़ेगा असर, CGHS के नियमों में भी बदलाव

नए नियम के तहत ड्रेस अलाउंस की गणना एक खास फॉर्मूले के आधार पर होगी। भत्ता आपकी जॉइनिंग की तारीख के आधार पर हिसाब-किताब करके दिया जाएगा। इसका असर उन लाखों कर्मचारियों पर होगा, जो हर साल केंद्रीय सरकार की विभिन्न सेवाओं में शामिल होते हैं।
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7th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महत्वपुर्ण खबर है। केन्द्र सरकार ने 7वें वेतन आयोग के तहत मिलने वाले ड्रेस भत्ते (क्लोथिंग अलाउंस, किट मेंटेनेंस, जूते, गाउन और दूसरे जरूरी सामानों का खर्च ) में बड़ा बदलाव किया है जो जुलाई 2025 से लागू होंगे। यह बदलाव कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी एक ऑफिस मेमोरेंडम के जरिए नोटिफाई किया गया है।

आदेश के मुताबिक जो नए केंद्रीय कर्मचारी जुलाई 2025 के बाद सरकारी नौकरी ज्वाइन करेंगे, उन्हें हर साल मिलने वाला ड्रेस भत्ता पूरा नहीं मिलेगा. बल्कि सर्विस ज्वाइन करने की तारीख के हिसाब से उसका एक हिस्सा ही मिलेगा।उन्हें ड्रेस भत्ते के तौर पर कितनी रकम मिलेगी, यह कर्मचारी की ज्वाइनिंग डेट के आधार पर तय होगा।

ये है नया फॉर्मूला

(सालाना ड्रेस भत्ता ÷ 12) × नौकरी जॉइन करने के बाद अगले जून तक बाकी बचे महीने। अगर कोई कर्मचारी सितंबर में नौकरी शुरू करता है, तो उसे सितंबर से जून तक कुल 10 महीनों के लिए भत्ता मिलेगा। अगर कोई कर्मचारी अक्टूबर 2025 में शामिल होता है, तो उसे नवंबर–जून यानी 9 महीनों का अलाउंस मिलेगा।अगर एनुअल अलाउंस 10,000 रुपये हो, तो (10,000÷12)×9 = ₹7,500 मिलेगा।

किन किन पर लागू होगा नियम?

जो कर्मचारी जुलाई 2025 के बाद रिटायर होंगे, उनके लिए फिलहाल पुराने नियम ही लागू रहेंगे> मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक अगर कोई कर्मचारी दिसंबर के बाद रिटायर होता है, तो उसे पूरा ड्रेस भत्ता दिया जाएगा. जबकि दिसंबर तक रिटायर होने वालों को आधा भत्ता मिलता है। 1 जुलाई 2025 से पहले शामिल वर्तमान कर्मचारी पूरी राशि का अलाउंस पहले की तरह ही पाएंगे। भत्ते की राशि में कोई बदलाव नहीं किया गया है।5,000 रुपये सामान्य कर्मचारियों , 10,000 रुपये – यूनिफॉर्म पहनने वाले कर्मचारियों और 20,000 रुपये – सशस्त्र बल जैसे विशेष सेवाओं के लिए निर्धारित है।

CGHS में भी हुए 5 बड़े बदलाव

हाल ही में केन्द्र सरकार केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (CGHS) में भी बदलाव किए है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक नया HMIS पोर्टल और मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, जिसके जरिए लाभार्थी अब घर बैठे अप्‍वॉइंटमेंट बुकिंग, ई-कार्ड डाउनलोड और मेडिकल सेवाएं ले सकते हैं।कर्मचारियों पेंशनरों को अब सभी जानकारी www.cghs.mohfw.gov.in पर नए एकीकृत सीजीएचएस डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर मिलेगी।

वे पंजीकरण, आवेदन, शिकायत निवारण और सूचना प्राप्ति सहित सभी ऑनलाइन सेवाओं का लाभ केवल इस नए पोर्टल के माध्यम से ही उठा सकते है। विभाग को कागज रहित अनुमोदन प्रक्रिया के लिए नए CGHS प्लेटफॉर्म पर शामिल किया जाएगा। इस बीच, विभाग संबंधित CGHS कार्ड अनुभागों में भौतिक रूप से आवेदन जमा करना जारी रख सकते हैं।18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पैन कार्ड को CGHS लाभार्थी आईडी के साथ लिंक करें और किसी भी त्रुटि के मामले में वेबसाइट पर लाभार्थी लॉगिन के माध्यम से सुधार के लिए आवेदन करें।

नए CGHS HMIS में प्रमुख सुधार/ तकनीकी प्रगति

  • पैन-आधारित विशिष्ट पहचान: अब प्रत्येक लाभार्थी को एक विशिष्ट पैन-आधारित पहचानकर्ता से जोड़ा जाएगा। इससे दस्तावेजों के दोहराव को समाप्त किया जा सकेगा और पात्रता के लिए सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद मिलेगी।
  • एकीकृत डिजिटल सत्यापन और अंशदान ट्रैकिंग:अंशदान भुगतान अब भारत कोष के साथ प्रत्यक्ष एकीकरण (लाइन ऑफ बिजनेस एप्लीकेशन इंटीग्रेशन) के माध्यम से स्वतः सत्यापित हो जाएगा। विकल्पों का मैन्युअल चयन नहीं होगा, भारत कोष पोर्टल पर विवरण दर्ज नहीं करना होगा जिससे त्रुटियां और रिफंड संबंधी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी।
  • आवेदनों की पूर्व-भुगतान जांच: नई प्रणाली भुगतान चरण से पहले कार्ड आवेदनों की जांच और अनुमोदन को सक्षम बनाती है। यह सुनिश्चित करती है कि भुगतान करने से पहले आवेदकों को पात्रता और योगदान राशि के बारे में मार्गदर्शन दिया गया है।
  • ऑनलाइन कार्ड संशोधन सेवाएं: कार्ड स्थानांतरण, आश्रित स्थिति में परिवर्तन और श्रेणी परिवर्तन (पेंशनभोगी को सेवा प्रदान करना, आदि) जैसी सेवाएं अब पूरी तरह से ऑनलाइन शुरू और पूरी की जा सकती हैं।
  • रियल-टाइम एप्लीकेशन ट्रैकिंग और अलर्ट: सिस्टम एप्लीकेशन प्रोसेसिंग के प्रत्येक चरण पर एसएमएस और ईमेल अलर्ट जारी करेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ती है और व्यक्तिगत फॉलो-अप कम होता है।
  • अनिवार्य पासवर्ड रीसेट और सुरक्षित पहुंच: सभी वर्तमान उपयोगकर्ताओं को पहले लॉगिन पर अपना पासवर्ड रीसेट करने के लिए कहा जाएगा। इसे इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के द्वारा सुरक्षा सलाह के अनुसार साइबर खतरों से सुरक्षित रखने के उपाय के रूप में लागू किया जा रहा है।
  • डीडीओ/पीएओ-आधारित विभाग पहचान: विभाग की पहचान वेतन एवं लेखा कार्यालय (पीएओ) और आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) कोड का उपयोग करके सत्यापित की जाएगी जैसा कि कर्मचारी वेतन पर्चियों में दर्शाया गया है। यह प्रायोजक अधिकारियों की बैकएंड मैपिंग सुनिश्चित करता है।
  • मोबाइल एप्लिकेशन पुनः लॉन्च (एंड्रॉइड और आईओएस): आधिकारिक सीजीएचएस मोबाइल ऐप्स को फिर से विकसित किया गया है और अब यह लाभार्थियों को बेहतर अनुभव प्रदान करता है।
  • डिजिटल सीजीएचएस कार्ड तक पहुंच, वास्तविक समय स्थिति ट्रैकिंग, ई-रेफरल और अपॉइंटमेंट शेड्यूलिंग (जहां लागू हो) हेल्पडेस्क और ए.डी. कार्यालयों के साथ एकीकृत संपर्क
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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