राशन कार्ड धारकों के लिए अच्छी खबर, खाद्यान वितरण की प्रक्रिया शुरू, इस तारीख तक उठा सकते है लाभ, जानें डिटेल्स

समस्त उचित दर विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि उक्त अवधि में नियमित दुकान खोलकर कार्डधारकों को नियमानुसार खाद्यान्न का वितरण करना सुनिश्चित करें।
ration card holder benefit

UP Ration October: उत्तर प्रदेश के राशन कार्ड धारकों के लिए काम की खबर है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्डधारकों को निशुल्क खाद्यान्न का वितरण 5 अक्टूबर से शुरू हो गया है जो 25 अक्टूबर तक किया जाएगा। इस दौरान अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को 35 KG खाद्यान्न मिलेगा जिसमें 14 KG गेहूं और 21 किलोग्राम चावल शामिल होगा।पात्र गृहस्थी कार्डों से संबद्ध यूनिटों को 5KG  खाद्यान्न मिलेगा जिसमें 2 KG गेहूं और 3 किलोग्राम चावल शामिल होगा।

राज्य सरकार की ओर से निर्देश दिए गए है कि नियमानुसार ही खाद्यान्न का वितरण कोटेदारों की ओर से किया जाए। नोडल अधिकारी राशन वितरण की निगरानी के लिए लगाए गए हैं। समस्त उचित दर विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि उक्त अवधि में नियमित दुकान खोलकर कार्डधारकों को नियमानुसार खाद्यान्न का वितरण करना सुनिश्चित करें।खाद्यान्न के निःशुल्क वितरण में पोर्टेबिलिटी ट्रांजेक्शन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। विक्रेता अपने उपलब्ध स्टॉक की सीमा तक पोर्टेबिलिटी ट्रांजेक्शन कर सकेंगे।

किसे कितना मिलेगा राशन

  • पात्र गृहस्थी कार्डों से संबद्ध यूनिटों पर 5 किलोग्राम खाद्यान्न 2 KG  गेहूं व 3 KG चावल प्रति यूनिट निशुल्क वितरित किया जाएगा।राशन वितरण सुबह छह से रात 7 बजे तक होगा। योजना के तहत गेंहू व चावल के निशुल्क वितरण की अंतिम तिथि दिनांक 25 अक्टूबर होगी।
  • जिस दिन आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से आवश्यक वस्तुओं को प्राप्त न कर सकने वाले उपभोक्ताओं के लिए मोबाइल ओटीपी वेरीफिकेशन के माध्यम से निशुल्क वितरण किया जाएगा। अंत्योदय व पात्र गृहस्थी लाभार्थियों को दिनांक एक जनवरी 2024 से आगामी पांच वर्ष तक निशुल्क खाद्यान्न वितरित कराए जाने में आने वाले संपूर्ण व्यय भार का वहन भारत सरकार द्वारा किया जाएगा।ऐसे राशन कार्ड धारक जिनका ई-केवाईसी नहीं हुआ है, वे आगामी दिसंबर महीने तक अपना ई-केवाईसी करा सकते हैं।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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