कर्मचारियों-पेंशनरों को 8वें वेतन आयोग का इंतजार, अगर लागू हुआ तो मिनिमम सैलरी-पेंशन में आएगा बड़ा बदलाव! जानें अपडेट

कर्मचारी यूनियन की डिमांड पर अगर 8वें वेतन आयोग लागू किया जाता है तो फिटमेंट फैक्टर को भी बढ़ाया जा सकता है, इससे कर्मचारियों की न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये से बढ़कर 34,560 रुपये और मिनिमम पेंशन 17,280 रुपये तक पहुंच सकती है. इसके साथ ही अधिकतम सैलरी और पेंशन में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
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8th Pay Commission: 18 महीने के बकाया डीए एरियर के साथ केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों को 8वें वेतन आयोग का इंतजार है। चुंकी अबतक हर 10 साल में नए वेतन आयोग का गठन होता हुआ आया है, 2014 में सातवें वेतन आयोग का गठन हुआ था लेकिन इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू की गई, ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि केंद्र की मोदी सरकार 2026 से पहले 8वां वेतन आयोग को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकती है।

2025-26 से पहले 8वें वेतन आयोग पर चर्चा क्यों?

  • दरअसल, आमतौर पर सरकारी कर्मचारियों के वेतन में संशोधन करने के लिए केंद्र सरकार हर 10 साल में वेतन आयोग का गठन करती है। सातवें वेतन आयोग का गठन फरवरी 2014 में किया गया था, हालांकि इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू की गईं। इसका समय 31 दिसंबर, 2025 को खत्म होने वाला है,
    इस हिसाब से 8वें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 को लागू किया जाना है, जिससे को लेकर अभी से हलचल तेज हो गई है। अगर 10 साल के पैटर्न के हिसाब से 2025-26 में मोदी सरकार 8वां वेतन आयोग लागू करती है तो इससे वेतन में 44.44% की वृद्धि देखने को मिल सकती है।
  • खास बात ये है कि 8वां वेतन आयोग लागू होते ही फिटमेंट फैक्टर भी 2.57 से बढ़कर 3.68 हो जाएगा।इससे कर्मचारियों के वेतन में संभावित वृद्धि ₹20,000 से ₹25,000 तक हो सकती है।वर्तमान में फिटमेंट फैक्टर 2.57 गुना है और बेसिक सैलरी 18000 रुपए है।इससे करीब 48.62 लाख कर्मचारियों और 67.85 लाख पेंशनभोगियों को लाभ मिलेगा।

बजट से पहले कई कर्मचारी संगठन भेज चुके थे प्रस्ताव

गौरतलब है कि मोदी सरकार द्वारा 23 जुलाई को बजट पेश करने से पहले कर्मचारी परिसंघ , संयुक्त सलाहकार मशीनरी की राष्ट्रीय परिषद और इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर एसोसिएशन समेत विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने केन्द्र सरकार को पत्र लिखकर आठवां वेतन आयोग लागू करने की मांग की थी। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि वित्त मंंत्री निर्मंला सीतारमण बजट में इस पर कोई बड़ा ऐलान कर सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और हाल ही वित्त मंत्री ने भी संसद में अगले वेतन आयोग को लेकर इंकार किया था।

केन्द्र सरकार का क्या है अबतक रूख

गौरतलब है कि हाल ही में राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन और जावेद अली खान ने वित्त मंत्री से आठवें वेतन आयोग के गठन को लेकर सवाल पूछा तो इसके जवाब में वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार के सामने 8वें वित्त आयोग के लिए फिलहाल कोई प्रस्ताव विचार के लिए नहीं है, सिर्फ 2 अभ्यादेन सरकार को मिले हैं, ऐसे में गठन को लेकर कोई विचार नहीं है।हालांकि यह पहला मौका नहीं है इससे पहले भी मोदी सरकार पहले भी कई बार संसद में नए वेतन आयोग को लेकर इंकार ही करती आई है।

अगर 8वां वेतन आयोग लागू हुआ तो कितनी बढ़ेगी सैलरी?

अगर 8वां वेतन आयोग जनवरी 2026 से लागू होता है तो वेतन में 44.44% की वृद्धि देखने को मिल सकती है।सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम वेतन 18000 रुपये से बढ़कर 34,560 रुपये और मिनिमम पेंशन 17,280 रुपये तक पहुंच सकती है।उदा. के तौर पर, यदि किसी केंद्रीय कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपए है, तो भत्तों को छोड़कर उसकी सैलरी 18,000 X 2.57= 46,260 रुपए का लाभ होगा। 3.68 होने पर सैलरी 95,680 रुपये (26000 X 3.68 = 95,680) हो जाएग यानि सैलरी में 49,420 रुपए लाभ मिलेगा।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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