भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए होने वाले निर्वाचन के लिए अब इंडिया ब्लॉक पार्टियों यानि विपक्ष ने भी अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है, विपक्ष का उम्मीदवार भी दक्षिण भारत से ही है यानि NDA के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के सामने विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी को उमीदवार बनाया है, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई बैठक में उनके नाम का ऐलान कर दिया गया।
उपराष्ट्रपति पद का यह चुनाव एक वैचारिक संघर्ष: खड़गे
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, उपराष्ट्रपति पद का यह चुनाव एक वैचारिक संघर्ष है। सभी विपक्षी दलों ने बी सुदर्शन रेड्डी गारू को भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना संयुक्त उम्मीदवार नामित किया है। बी. सुदर्शन रेड्डी गारू भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं। उनका एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है, जिसमें आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में कार्य करना शामिल है।
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बी सुदर्शन रेड्डी सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के साहसी समर्थक
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने उम्मीदवार की तारीफ करते हुए कहा कि वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के एक निरंतर और साहसी समर्थक रहे हैं। वे उन मूल्यों को पूरी तरह से प्रतिबिंबित करते हैं जिन्होंने हमारे देश के स्वतंत्रता आंदोलन को इतनी गहराई से आकार दिया और वे मूल्य जिन पर हमारे देश का संविधान और लोकतंत्र टिका हुआ है। ये सभी मूल्य हमले के अधीन हैं और इसलिए, इस चुनाव को लड़ने का हमारा सामूहिक और दृढ़ संकल्प है।
कौन हैं सुदर्शन रेड्डी?
- जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी गारू का जन्म 8 जुलाई 1946 को आंध्र प्रदेश के रंगा रेड्डी ज़िले के आकुला मायलारम गांव में हुआ उनका परिवार खेती किसानी करता था।
- रेड्डी कानून के विद्यार्थी बने और 1971 में उस्मानिया यूनिवर्सिटी से क़ानून की पढ़ाई पूरी की।
- 8 अगस्त 1988 को वे आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में गवर्नमेंट प्लीडर नियुक्त हुए और बाद में केंद्र सरकार के लिए एडिशनल स्टैंडिंग काउंसिल पद का दायित्व संभाला।
- रेड्डी ने 1991 में आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में जज के तौर पर न्यायिक करियर की शुरुआत की, बाद में वे सुप्रीम कोर्ट के जज बने और कई अहम फैसलों का हिस्सा रहे।
- सुप्रीम कोर्ट से रिटायर होने के बाद उन्हें गोवा का पहला लोकायुक्त बनाया गया, जहां उन्होंने ईमानदार और सख्त छवि वाले अधिकारी के रूप में काम किया।
रोचक मुकाबला, जीतेगा भी दक्षिण भारत हारेगा भी
उपराष्ट्रपति पद का मुकाबला अब कड़ा और रोचक हो गया है इंडिया ब्लॉक पार्टियों ने भी दक्षिण भारत से ही उम्मीदवार को उतारकर दक्षिण भारत पर ही फोकस किया है, एनडीए का उम्मीदवार भी दक्षिण भारत से ही है, यानि इस चुनाव में जीत भी दक्षिण भारत की होगी और हार भी, बहरहाल विपक्ष एन सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज को उतारकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि वह संविधान, न्यायपालिका और पारदर्शिता के पक्षधर चेहरे को आगे रख रहा है वहीं एनडीए ने एक अनुभवी राजनेता सीपी राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है उनका बेदाग और अनुशासित राजनीतिक जीवन उनका मजबूत पक्ष है।