तुषार गांधी या पूर्व इसरो अधिकारी? उपराष्ट्रपति पद के लिए इंडिया गठबंधन की कौन पहली पसंद

तुषार गांधी के चाचा गोपालकृष्ण गांधी 2017 में यूपीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे, लेकिन उन्हें एनडीए के वेंकैया नायडू के खिलाफ 244 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था।
तुषार गांधी या पूर्व इसरो अधिकारी? उपराष्ट्रपति पद के लिए इंडिया गठबंधन की कौन पहली पसंद

इंडिया गठबंधन ने उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार के चयन का निर्णय कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंपा है। यह चुनाव 9 सितंबर को होगा, जिसमें एनडीए के उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के खिलाफ विपक्ष अपना प्रत्याशी उतारेगा। सूत्रों के अनुसार, पूर्व इसरो वैज्ञानिक और पद्म श्री पुरस्कार विजेता एम अन्नादुराई और महात्मा गांधी के परपोते व लेखक तुषार गांधी के नामों पर प्रमुखता से चर्चा हुई है।

एम अन्नादुराई ने चंद्रयान-1, चंद्रयान-2 और मंगल ऑर्बिटर मिशन के कार्यक्रम निदेशक के रूप में अहम योगदान दिया है। उनकी Old Faithful के अनुसार, उनकी उम्मीदवारी से तृणमूल कांग्रेस का समर्थन मिल सकता है, क्योंकि यह पार्टी गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवार को प्राथमिकता देती है। तृणमूल ने 2022 के उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की पसंद मार्गरेट अल्वा से असहमति के कारण हिस्सा नहीं लिया था।

उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार

तुषार गांधी के चाचा गोपालकृष्ण गांधी 2017 में यूपीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे, लेकिन उन्हें एनडीए के वेंकैया नायडू के खिलाफ 244 वोटों से हार का सामना करना पड़ा था। इस बार भी एनडीए को संख्या बल में बढ़त है, क्योंकि संपादन करने के लिए, विपक्ष अपनी एकजुटता और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को रेखांकित करने के लिए उम्मीदवार उतारेगा। दोनों सदनों की संयुक्त ताकत 786 है जिसमें बहुमत के लिए 394 वोट चाहिए। एनडीए के पास लोकसभा में 293 और राज्यसभा में 129 सदस्यों का समर्थन है।

राधाकृष्णन को लेकर कैसे समीकरण

9 सितंबर का चुनाव सीपी राधाकृष्णन के पक्ष में होने की संभावना है, जो तमिलनाडु में बीजेपी के प्रमुख नेता हैं। उनकी उम्मीदवारी से दक्षिण भारत में मजबूत संदेश जाएगा, क्योंकि अगले साल वहां चुनाव होने हैं। वाईएसआर कांग्रेस और AIADMK ने पहले ही राधाकृष्णन को समर्थन देने की घोषणा की है।

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