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तो पड़ता है पाला
आकाश साफ हो, कड़ाके की सर्दी से हवा में नमी हो, शाम होते होते हवा और जमीन का तापमान शून्य के करीब पहुंच जाए तो हवा में मौजूद नमी जल वाष्प संघनीकृत होकर ठोस अवस्था में बर्फ का रूप ले लेती है और पौधों की पत्तियों में मौजूद जल संघनित होकर बर्फ के कण के रूप में दिखाई देने लगता है। ठंड के दिनों में इस तरह की परिस्थितियों को पाला कहा जाता है। जो जीव जंतु और वनस्पतियों के लिए बेहद नुकसानदायक होता है।
कोल्ड और सीवियर कोल्ड डे
कड़ाके की ठंड का मौसम विज्ञान के अनुसार दो भागों में बांटा गया है। कोल्ड डे और सीवियर कोल्ड डे।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से कम और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री कम हो तो इसे कोल्ड-डे कहते हैं।
वहीं, जब न्यूनतम तापमान में 10 डिग्री से कम लेकिन अधिकतम तापमान में सामान्य के मुकाबले 6.4 डिग्री की कम हो जाए तो यह सीवियर कोल्ड डे माना गया है।
