हर महीने 5 हजार रुपये और जॉब कार्ड, ममता बनर्जी ने प्रवासी मजदूरों के लिए शुरू की योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर काम करने वाले मजदूर असहाय और प्रताड़ित होकर लौट रहे हैं और उन्हें उनकी भाषा के कारण अपराधी करार दिया जा रहा है।
mamata banerjee

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अन्य राज्यों से लौटने वाले बंगाली प्रवासी मजदूरों के लिए श्रमश्री योजना की घोषणा की है। इसके तहत लौटने वाले मजदूरों को एक साल तक या नौकरी मिलने तक हर महीने 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही, उन्हें वेब पोर्टल के माध्यम से जॉब कार्ड भी प्रदान किए जाएंगे। ममता बनर्जी ने कहा कि यह योजना उन मजदूरों की मदद करेगी जो बीजेपी शासित राज्यों में कथित तौर पर उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं।

इस योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को खाद्य साथी खाद्य आश्वासन योजना और स्वास्थ्य स्वाथी स्वास्थ्य योजना का लाभ भी मिलेगा। इसके अलावा, उनके बच्चों की शिक्षा का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी। ममता बनर्जी ने दावा किया कि बीजेपी शासित राज्यों में लगभग 22 लाख बंगाली प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने हरियाणा के गुरुग्राम में 52 बंगाली मजदूरों को अवैध प्रवासी मानकर हिरासत में लिए जाने की घटना का भी जिक्र किया।

‘प्रताड़ित होकर लौट रहे’

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर काम करने वाले मजदूर असहाय और प्रताड़ित होकर लौट रहे हैं और उन्हें उनकी भाषा के कारण अपराधी करार दिया जा रहा है। इस योजना के जरिए बंगाल सरकार ऐसे मजदूरों को वापस लाने और उनका पुनर्वास करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि राज्य अपने लोगों की देखभाल करेगा और उन्हें सम्मानजनक जीवन प्रदान करेगा।

मजदूरों के लिए क्या मांग 

विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस योजना की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि 5,000 रुपये की सहायता मजदूरों के लिए पर्याप्त नहीं है, क्योंकि वे अन्य राज्यों में 50,000 से 1.5 लाख रुपये तक कमा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मजदूर गुजरात, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा और दक्षिण भारत में खुश हैं और इस राशि के लिए बंगाल नहीं लौटेंगे।

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