पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान, पुरोहितों और मुअज्जिनों के मानदेय में की बढ़ोतरी, जानें अब कितनी मिलेगी राशि

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुरोहितों और मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस फैसले के बाद अब उन्हें हर महीने 2 हजार रुपये मिलेंगे। सरकार ने सभी नए आवेदनों को भी मंजूरी दे दी है।
mamata banerjee

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा से ठीक पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक महत्वपूर्ण ऐलान किया है। उन्होंने राज्य के पुरोहितों और मुअज्जिनों के मासिक मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस वृद्धि के साथ, अब उन्हें हर महीने 2,000 रुपये मिलेंगे।

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे पश्चिम बंगाल समेत 4 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी करने वाला है। इस राजनीतिक गहमागहमी के बीच, ममता सरकार के इस कदम को एक अहम फैसले के तौर पर देखा जा रहा है।

मानदेय में ₹500 की बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री ने इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह हमारे समुदायों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को जीवंत बनाए रखने वालों के लिए एक सम्मान है।

“मुझे यह घोषणा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि हमारे पुरोहितों और मुअज्जिनों को दिए जाने वाले मासिक मानदेय में 500 रुपये की बढ़त की गई है। इनकी सेवा ही हमारे समुदायों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को जीवंत बनाए रखती है।”- ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पुरोहितों और मुअज्जिनों की तरफ से जमा किए गए सभी नए आवेदनों को भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “हमारा निरंतर प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि हमारी समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के इन संरक्षकों को वह पहचान और सहयोग मिले, जिसके वे हकदार हैं।”

किसानों के लिए भी योजना का जिक्र

इस घोषणा के साथ ही, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी सरकार की किसान-हितैषी पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बंगाल की इस योजना से राज्य के 1.4 करोड़ लोगों को सीधा फायदा पहुंचा है।

इस योजना के तहत, लाभार्थियों को सालाना 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जबकि बहुत कम जमीन वाले किसानों को भी कम से कम 4,000 रुपये मिलते हैं। यह राशि खरीफ और रबी मौसम के दौरान दो किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है।

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निदेशक और संपादक

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