पश्चिम बंगाल चुनाव: जानिए ‘भाजपा घोषणा पत्र’ के 5 बड़े ऐलान, बीजेपी का सरकार बनने पर तत्काल लागू करने का वादा

बीजेपी में जश्न का माहौल है। कोई "देशभक्ति की झालमुड़ी" बांट रहा है तो कोई "जीत की जलेबी" छान रहा है। अब तक के रुझानों में ममता बनर्जी का किला ढहता नज़र आ रहा है और बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती दिख रही है। हालांकि मतगणना अभी जारी है और अंतिम नतीजों की घोषणा बाकी है लेकिन भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है। इस बीच उन बड़े वादों को याद कर लेना जरूरी है जो बीजेपी ने बंगाल के लोगों से किए हैं।
West Bengal Election

फाइल फोटो

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना में भारतीय जनता पार्टी ने भारी बढ़त बना ली है। अब तक आए नतीजों और रुझानों के अनुसार 293 सीटों में बीजेपी 193 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस 94-95 सीटों पर सिमटती दिख रही है।

बहुमत के लिए सबसे बड़ी पार्टी को 148 सीटों की जरूरत है और बीजेपी इस आंकड़े को पार कर चुकी है। अगर ये रुझान अंतिम नतीजों में परिवर्तित हुए तो पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनना तय है। ऐसा होता है तो बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनेगी और ममता बनर्जी के 15 वर्षों के शासन का अंत हो जाएगा।

बंगाल में बीजेपी को बढ़त, जश्न का माहौल

पश्चिम बंगाल में लगातार आ रहे रुझानों और नतीजों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। देशभर में बीजेपी पार्टी कार्यालयों में मिठाइयां बांटी जा रही हैं, नारे लगाए जा रहे हैं और “सोनार बांग्ला” के नारे गूंज रहे हैं। बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह चुनाव से पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उनकी सरकार बनती है तो बंगाल की कमान स्थानीय नेता को सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा था कि बीजेपी बंगाल में किसी बाहरी व्यक्ति को मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी, बल्कि राज्य के अपने कार्यकर्ता को ही प्रदेश की बागडोर सौंपेगी।

बीजेपी घोषणा पत्र के पाँच अहम वादे

जैसे-जैसे रुझान नतीजों में तब्दील हो रहे हैं, बीजेपी के चुनावी ‘संकल्प पत्र’ में किए गए बड़े वादे एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। पार्टी ने चुनाव प्रचार के दौरान कई प्रमुख घोषणाएं की थी। उनमें से कुछ वादों को प्राथमिकता से पूरा करने की बात कही गई थी। आइए जानते हैं बीजेपी संकल्प पत्र के वो पांच बातें, जिन्हें सरकार बनते ही पूरा करने का वादा किया गया है।

  1. पहली कैबिनेट बैठक में CAA लागू : अमित शाह ने संकल्प पत्र जारी करते हुए कहा था कि बीजेपी सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में नागरिकता संशोधन अधिनियम से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा जिसे शरणार्थी और मतुआ समुदाय से जोड़ा गया था।
  2. आयुष्मान भारत योजना का क्रियान्वयन : पार्टी ने वादा किया था कि पहले दिन से ही आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना को राज्य में लागू किया जाएगा, जिससे नागरिकों को 5 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा लाभ मिलेगा।
  3. राज्य कर्मचारियों के लिए 7वां वेतन आयोग : भाजपा नेतृत्व ने यह भी कहा था कि उनकी सरकार बनने के 45 दिनों के भीतर 7वें वेतन आयोग को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही DA से जुड़े मुद्दों पर निर्णय लिया जाएगा। पीएम मोदी ने इसे अपनी “गारंटी” बताया था।
  4. सीमा सुरक्षा और घुसपैठ पर सख्त नीति : पार्टी ने जीतने पर “जीरो इन्फिल्ट्रेशन”, सीमा पर सीसीटीवी निगरानी, फेंसिंग और अवैध घुसपैठ पर कड़ी कार्रवाई का वादा दोहराया था।
  5. राजनीतिक हिंसा पर SIT और जांच का वादा : बीजेपी ने चुनाव प्रचार में राज्य में कथित राजनीतिक हिंसा के मामलों की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित करने और पीड़ितों को मुआवजा देने का भी आश्वासन दिया था।
Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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