पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को कृष्णनगर उत्तर विधानसभा सीट पर एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के घोषित उम्मीदवार अभिनव भट्टाचार्य का नामांकन कानूनी खामियों और प्रशासनिक दिक्कतों की वजह से रद्द कर दिया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, रिटर्निंग ऑफिसर ने अभिनव भट्टाचार्य का नामांकन रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट के सेक्शन 9A के तहत रद्द किया है। यह कार्रवाई राज्य सरकार के साथ उनके व्यावसायिक समझौतों से जुड़ी दिक्कतों के कारण हुई। चुनाव आयोग ने पाया कि अभिनव भट्टाचार्य सीधे तौर पर सरकारी काम या आपूर्ति में शामिल थे, जो चुनावी नियमों का उल्लंघन है।
सरकारी नियमों का उल्लंघन: सेक्शन 9A
इलेक्शन रूल्स के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति सीधे तौर पर किसी सरकारी काम में शामिल है या सरकार के साथ उसके व्यावसायिक हित जुड़े हुए हैं, तो वह चुनाव नहीं लड़ सकता। यह नियम चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए बनाया गया है, ताकि कोई उम्मीदवार अपनी सरकारी स्थिति का फायदा न उठा सके। कृष्णनगर उत्तर सीट के तृणमूल कैंडिडेट के मामले में, कमीशन का ऑब्जर्वेशन है कि सरकारी काम या सप्लाई में शामिल रहते हुए नॉमिनेशन फाइल करना रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट के खिलाफ है।
यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि रूलिंग पार्टी का कोई भी कैंडिडेट, जो सरकार के साथ किसी भी तरह के बिजनेस ट्रांज़ैक्शन में शामिल है या सरकारी काम करता है, सेक्शन 9A के तहत उसकी उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है। यह नियम सभी उम्मीदवारों पर समान रूप से लागू होता है, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से संबंधित हो।
पिछले मंगलवार को ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शांतिपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अभिनव भट्टाचार्य को कृष्णनगर उत्तर से पार्टी उम्मीदवार के तौर पर परिचय कराया था। जनसभा में ममता बनर्जी ने अभिनव की बहुत तारीफ भी की थी, जिससे इस सीट पर पार्टी की उम्मीदें काफी बढ़ गई थीं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब चुनाव प्रचार अपने चरम पर है और सभी दल अपनी स्थिति मजबूत करने में लगे हैं।
सोमनाथ दत्ता होंगे अब नए उम्मीदवार
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने ऐसी संभावित स्थिति के लिए पहले से ही तैयारी कर रखी थी। पार्टी ने एक वैकल्पिक उम्मीदवार को तैयार रखा था और उस सीट से उनका नामांकन पत्र भी जमा करा दिया था। अब कृष्णनगर उत्तर विधानसभा सीट से सोमनाथ दत्ता तृणमूल कांग्रेस के नए उम्मीदवार होंगे। उनका नामांकन पत्र वैध पाया गया है और वह इस सीट से पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह दिखाता है कि TMC ने सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करते हुए अपनी रणनीति बनाई थी।
“अभिनव भट्टाचार्य का नॉमिनेशन तकनीकी वजह से कैंसिल किया गया है। सोमनाथ दत्ता ने दूसरा नॉमिनेशन फाइल किया था। इसके बदले, वह कृष्णानगर उत्तर सीट से तृणमूल कांग्रेस के लिए लड़ेंगे।” (महुआ मोइत्रा, सांसद, कृष्णनगर)
कृष्णनगर की सांसद महुआ मोइत्रा ने इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभिनव भट्टाचार्य का नामांकन तकनीकी कारणों से रद्द हुआ है और सोमनाथ दत्ता ने वैकल्पिक नामांकन दाखिल किया था। महुआ मोइत्रा ने इस बात पर जोर दिया कि सोमनाथ दत्ता अब तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर कृष्णनगर उत्तर सीट से चुनाव लड़ेंगे।
उम्मीदवार बदलने से नहीं होगी दिक्कत: महुआ मोइत्रा
यह पूछे जाने पर कि क्या उम्मीदवार बदलने से तृणमूल कांग्रेस को चुनाव में कोई दिक्कत होगी, महुआ मोइत्रा ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी नकाशीपाड़ा आई थीं और उन्होंने कहा था कि वह सभी सीटों से उम्मीदवार हैं। वह काकद्वीप, कूचबिहार और कृष्णानगर से भी उम्मीदवार हैं।”
महुआ मोइत्रा ने आगे समझाया कि यह सिंबल वोट है। मतदाता तृणमूल कांग्रेस के ‘जोड़ाफूल’ (पार्टी सिंबल) के लिए वोट देते हैं, न कि किसी व्यक्तिगत उम्मीदवार के नाम पर। उन्होंने यह भी बताया कि अभिनव भट्टाचार्य, जिनका नामांकन रद्द हुआ है, अब नए कैंडिडेट सोमनाथ दत्ता के लिए कैंपेन करेंगे। इससे पार्टी की एकजुटता का संदेश जाएगा और मतदाताओं के बीच कोई भ्रम नहीं फैलेगा।
इस घटनाक्रम ने कृष्णनगर उत्तर सीट पर चुनावी मुकाबले को और भी दिलचस्प बना दिया है। तृणमूल कांग्रेस अपने वैकल्पिक उम्मीदवार के साथ मैदान में उतरने को तैयार है और पार्टी का मानना है कि इस बदलाव का उनके चुनावी प्रदर्शन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। अन्य पार्टियां भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और अपनी रणनीति में बदलाव कर सकती हैं।





