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अखिलेश यादव ने की वसुंधरा राजे की तारीफ, सीएम भजनलाल शर्मा को बताया ‘पर्ची वाला मुख्यमंत्री’, केंद्र सरकार पर भी साधा निशाना

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने राजस्थान दौरे पर जयपुर में वर्तमान भजनलाल सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की तारीफ करते हुए कहा कि अगर वे सत्ता में होतीं तो प्रदेश का ज्यादा विकास होता, वहीं 'पर्ची वाले मुख्यमंत्री' से किसी का भला नहीं होगा। अखिलेश ने केंद्र सरकार को भी किसानों की आय, महंगाई और नीतीश कुमार से जुड़े मुद्दों पर घेरा।
अखिलेश यादव ने की वसुंधरा राजे की तारीफ, सीएम भजनलाल शर्मा को बताया ‘पर्ची वाला मुख्यमंत्री’, केंद्र सरकार पर भी साधा निशाना

समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को राजस्थान के जयपुर दौरे पर बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला। इस दौरान उन्होंने राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की तारीफ करते हुए वर्तमान भजनलाल सरकार को ‘पर्ची वाला मुख्यमंत्री’ करार दिया और कहा कि ऐसे मुख्यमंत्री से प्रदेश का भला नहीं हो सकता। अखिलेश ने केंद्र की बीजेपी सरकार को भी कई मुद्दों पर आड़े हाथों लिया, जिसमें नीतीश कुमार का राज्यसभा में जाना, किसानों की आय और महंगाई जैसे अहम विषय शामिल थे।

अखिलेश यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के हालिया बयान ‘मैं अपने आप के लिए नहीं लड़ सकी, तुम्हारे लिए क्या लडूंगी’ पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, ‘अगर मैं अपने मन की बात कहूं, तो राजस्थान की मुख्यमंत्री अगर वसुंधरा राजे होतीं तो प्रदेश की ज्यादा तरक्की होती।’ उनकी यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि अखिलेश यादव आमतौर पर भाजपा के किसी नेता की सीधे तौर पर तारीफ करने से बचते हैं। राजे की तारीफ कर उन्होंने सीधे तौर पर वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधा, जिन्हें ‘पर्ची वाले मुख्यमंत्री’ का तमगा दिया गया है।

अखिलेश यादव ने सीएम भजनलाल शर्मा को बताया ‘पर्ची वाला मुख्यमंत्री’

वर्तमान भजनलाल सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने उन्हें ‘पर्ची वाला मुख्यमंत्री’ बताया। उनका यह इशारा मुख्यमंत्री के चयन प्रक्रिया की ओर था, जिसमें पार्टी आलाकमान द्वारा नाम की पर्ची भेजे जाने के बाद मुख्यमंत्री का फैसला हुआ था। अखिलेश ने जोर देकर कहा कि ऐसे मुख्यमंत्री किसी का भला नहीं कर सकते, क्योंकि उनके पास शायद स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता और जनाधार की कमी होती है, जो किसी प्रदेश के दूरगामी विकास के लिए बेहद जरूरी है। उनका मानना है कि जनता के बीच से निकले नेता ही जनता की समस्याओं को बेहतर समझ पाते हैं और उनके समाधान के लिए काम करते हैं।

केंद्र सरकार पर भी अखिलेश का हमला

अखिलेश यादव यहीं नहीं रुके। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने पर दुख जताया। समाजवादी पार्टी के मुखिया ने इसे भाजपा की सोची-समझी साजिश बताया, जिसके तहत नीतीश कुमार को राष्ट्रीय राजनीति से किनारे किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘हम सब चाहते थे कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री बनकर रिटायर हों, लेकिन बीजेपी ने उनके साथ षड्यंत्र और साजिश की। उन्हें राज्यसभा भेज दिया गया, अब वह राज्यसभा सांसद के रूप में ही रिटायर हो जाएंगे।’ प्रधानमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार की दावेदारी पिछले कुछ वर्षों से लगातार चर्चा में रही थी। विभिन्न विपक्षी दलों के नेता उन्हें एक संभावित प्रधानमंत्री उम्मीदवार के तौर पर देखते थे। ऐसे में उन्हें राज्यसभा में भेज देना, अखिलेश के मुताबिक, उनकी राष्ट्रीय राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं पर विराम लगाने जैसा है और यह भाजपा की रणनीति का हिस्सा है।

अखिलेश यादव ने भाजपा नेताओं पर लगाया वादाखिलाफी का आरोप

किसानों की आय और महंगाई के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने भाजपा नेताओं पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि वे कभी पीछे मुड़कर नहीं देखते और न ही अपने वादों की समीक्षा करते हैं। यह प्रवृत्ति साफ दिखाती है कि सरकार जनता से किए गए वादों को लेकर कितनी गंभीर है।

अखिलेश ने सवाल उठाया कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली सरकार अब इस पर चर्चा क्यों नहीं करती? केंद्र की सत्ता में आने से पहले भाजपा ने किसानों से वादा किया था कि वे उनकी आय को दोगुना करेंगे। यह वादा किसानों के लिए एक बड़ी उम्मीद बनकर आया था, लेकिन आज कई साल बीत जाने के बाद भी यह वादा अधूरा है। अखिलेश के मुताबिक, सरकार इस वादे पर बात करने से बच रही है क्योंकि उसके पास कोई ठोस जवाब नहीं है। किसानों को आज भी अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है और उनकी आर्थिक स्थिति बदहाल है।

महंगाई के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि किसान की आय के मुकाबले उसके खर्च कई गुना बढ़ गए हैं। खाद, बीज, डीजल और अन्य कृषि इनपुट की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे खेती की लागत में बेतहाशा इजाफा हुआ है। इसके साथ ही रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी आसमान छू रही हैं, जिससे किसानों के घर का बजट बिगड़ गया है। ऐसे में किसानों के लिए अपनी आजीविका चलाना मुश्किल हो गया है, जबकि सरकार केवल बड़े-बड़े वादे करती रहती है और जमीनी हकीकत से मुंह मोड़ लेती है।

अखिलेश यादव के इन बयानों से साफ है कि समाजवादी पार्टी राजस्थान और केंद्र सरकार दोनों पर हमलावर रुख अपनाए हुए है। जयपुर में उनके बयान ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, खासकर वसुंधरा राजे की तारीफ और ‘पर्ची वाले मुख्यमंत्री’ की टिप्पणी के बाद।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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