PM Modi बोले- झालमुड़ी मैंने खाई और मिर्ची TMC को लगी, उत्साहपूर्ण मतदान के लिए मतदाताओं का अभिनन्दन किया

PM Modi ने कहा हमारे किसी भी मतुआ परिवार, नामशूद्र परिवार, शरणार्थी परिवार को तृणमूल से भयभीत होने की ज़रूरत नहीं है। आपको कोई हाथ भी नहीं लगा सकता है।
PM Modi

PM Modi

पश्चिम बंगाल में आज 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान हो रहा है, पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान हो रहा है, दो तीन जगहों पर हंगामे और मारपीट की घटनाओं को छोड़कर प्रदेश में मतदान शांतिपूर्ण बताया जा रहा है, लोगों में वोटिंग के लिए भारी उत्साह देखा जा रहा है, लोग घरों से निकल रहे हैं मतदान केंद्रों पर लम्बी लम्बी लाइन लगी है उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरे चरण के चुनाव के लिए आज बंगाल में दौरे पर है उन्होंने ममता बनर्जी और टीएमसी सरकार पर बड़ा हमला बोला है और उत्साहपूर्ण मतदान के लिए मतदाताओं का अभिनन्दन किया है।

पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से पहले चरण में 152 सीटों पर आज मतदान हो रहा है दूसरे चरण में शेष 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा, भाजपा ने दूसरे चरण की तैयारियां भी तेज कर दी है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इसी क्रम में बंगाल में मौजूद हैं वे उन सीटों पर प्रचार कर रहे हैं जहाँ दूसरे चरण में वोट डाले जायेंगे, पीएम ने कृष्णानगर में चुनावी सभा को संबोधित किया, उन्होंने कहा कृष्णानगर में आज भय पर भरोसे की विजय का विश्वास दिख रहा है। ये उत्साह, ये उमंग, ये जोश भरोसे का है। भय जा रहा है, भरोसा आगे बढ़ रहा है। बरसों से जिनकी आवाज को दबाकर रखा गया था, वो अब एक सुर में बोल रहे हैं।

पीएम बोले- इस बार मतदान के नए रिकॉर्ड बनने चाहिए

पीएम मोदी ने कहा आज पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग चल रही है। मैं सभी मतदाता साथियों का अभिनंदन करता हूं। मेरा सभी मतदाताओं से आग्रह है कि इस बार मतदान के नए रिकॉर्ड बनने चाहिए। लोकतंत्र का ये उत्सव हमें पूरे जोश से मनाना है। मैं देख रहा हूं, मैं जबसे राजनीति में आया हूं, मैं कह सकता हूं कि पिछले 50 साल में ये पहला चुनाव ऐसा है, जिसमें हिंसा कम से कम हुई है।

चुनाव आयोग और सरकारी कर्मचारियों का जताया आभार 

वरना हर हफ्ते किसी न किसी को फांसी पर लटका देते थे और बोल देते थे कि आत्महत्या कर ली। एक प्रकार से गुंडाराज चलता था। मैं चुनाव आयोग का हृदय से अभिनंदन करता हूं कि उन्होंने फिर से एक बार बंगाल की धरती पर लोकतंत्र की प्रतिष्ठा की है। शांतिपूर्ण मतदान कराने में चुनाव आयोग की ये सफलता बहुत बड़ी सिद्धि है। मैं यहां के सरकारी कर्मचारियों का भी अभिनंदन करता हूं कि वे भी इस बार शांतिपूर्ण मतदान में बहुत जिम्मेदारी पूर्वक अपनी भूमिका अदा कर रहे हैं।

मोदी का तंज: झालमुड़ी ने कुछ लोगों को झन्नाटेदार झटका दिया है

उन्होंने कहा अब तक की जानकारी के अनुसार मतदान भी पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ रहा है। भाजपा-NDA की विजय का परचम आपको पूरी शक्ति से लहराना है। 4 मई को बंगाल में भी भाजपा की विजय का जश्न भी होगा और मिठाई भी बंटेगी और झालमुड़ी भी बांटी जाएगी। झालमुड़ी ने भी कुछ लोगों को झन्नाटेदार झटका दिया है। मोदी ने कहा  झालमुड़ी मैंने खाई लेकिन झाल (मिर्ची) TMC को लगी है। यहां तो TMC के विधायकों, मंत्रियों, लोकल नेताओं और इनके सिंडिकेट के खिलाफ इतना गुस्सा है कि कईं जिलों में TMC का खाता तक नहीं खुलेगा।

हर जगह TMC के खिलाफ लोगों में गुस्सा, कह रहे अब बहुत हो गया 

मोदी ने कहा 15 साल पहले वाम के विरुद्ध जनता ने बिगुल फूंका था। आज तृणमूल में जंगलराज के विरुद्ध बंगाल की जनता हर गली मोहल्ले में शंख फूंक रही है। ये चुनाव न मोदी लड़ रहा है और न ही मेरे साथी लड़ रहे हैं। इस बार बंगाल का चुनाव यहां की जनता जनार्दन लड़ रही है। चुनाव का नेतृत्व बंगाल की जनता जनार्दन के हाथ में है। मैं जहां भी जा रहा हूं, लोग एक ही बात कहते हैं कि अब बहुत हो गया।

TMC के भय से मुक्ति के लिए लोग कर रहे हैं मतदान 

15 साल बाद ये साफ साफ दिख रहा है कि किसान खेत से लेकर मंडी तक हर भय से मुक्ति के लिए वोट दे रहे हैं। बंगाल के सरकारी कर्मचारी TMC के भय से बाहर निकलने के लिए वोट दे रहे हैं। बंगाल के डॉक्टर भय से मुक्त होकर एक बेहतर सिस्टम के लिए वोट दे रहे हैं। यहां के वकील सच्चा न्याय दिलाने के लिए और शिक्षक भयमुक्त स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के लिए वोट दे रहे हैं। दुकानदार, रिक्शा वाले, टैक्सी वाले TMC के सिंडिकेट से मुक्ति के लिए वोट कर रहे हैं। और बंगाल की पुलिस भी गुंडों से आदेश लेने की बजाय जनता की सेवा के लिए वोट डाल रही है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews