पश्चिम बंगाल चुनाव: दम दम में बोले PM Modi- “बुझने से पहले थोड़ा फड़फड़ा रहा है TMC का दीया”

प्रधानमंत्री ने कहा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी देश के पहले उद्योग मंत्री भी थे, अगर उनके विजन को आगे बढ़ाया होता, तो देश आज और ऊंचाइयों पर होता। डॉ. मुखर्जी का विजन, उनकी नीतियां आज भी बंगाल के औद्योगिक विकास को नई ऊर्जा दे सकती हैं।
West Bengal Elections PM Modi Dum Dum Vijay Sankalp Sabha

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पहले चरण के चुनाव में कल 23 अप्रैल को हुई बम्पर वोटिंग के बाद PM Modi आज फिर बंगाल एक दौरे पर हैं वे दूसरे चरण में जिन सीटों पर मतदान होना है वहां की जनता से वोट अपील करने पहुंचे , उन्होंने दम दम में विजय संकल्प सभा को संबोधित किया, इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर और शब्दों में “बंगाल जीत” का भाव दिखाई दिया पहले चरण के चुनाव में करीब 93 प्रतिशत मतदान करने के लिए उन्होंने मतदाताओं का आभार जताया और दूसरे चरण में भी ऐसी ही रिकॉर्ड वोटिंग की अपील की।

प्रधानमंत्री ने मंच से सबसे पहले सभा में मौजूद भारी भीड़ के बीच उनकी तस्वीरें लिए खड़े छोटे बच्चों की तरफ देखा और व्यवस्था देख रहे लोगों से बच्चों के हाथों से तस्वीरें लेने के निर्देश दिए, इसके बाद पीएम ने मंच पर मौजूद प्रत्याशियों से भेंट की और उनके हाथ उठाकर जनता का अभिवादन किया , प्रधानमंत्री ने कहा लंबे समय से बंगाल में परिवर्तन की जो लहर दिख रही थी। कल पहले चरण के मतदान ने उसपर मुहर लगा दी है। कल भाजपा के पक्ष में जो समर्थन दिखा है, उसने भाजपा की विजय का शंखनाद कर दिया है।

TMC ने लोकतंत्र के मंदिर को कुचल दिया था

मोदी ने कहा जिस बंगाल में TMC ने लोकतंत्र के मंदिर को कुचल दिया था। अपनी तानाशाही से लोकतंत्र के मंदिर को खंडित कर दिया था। उस बंगाल में पहले चरण में जनता ने लोकतंत्र के मंदिर का पुनर्निर्माण कर दिया है। अब दूसरे चरण में आपको इस लोकतंत्र के मंदिर पर विजय ध्वज फैलाना है। इस वजह से अब TMC बहुत बुरी तरह बौखला गई है। कल रात भर TMC अपने गुंडों को ताकत दे रही थी कि मैदान में आओ।

मैं बंगाल की जनता से कहूंगा, भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं से कहूंगा कि मत भूलिए, ये क्रांति की धरती है, ये वीरों की धरती है। और ये मत भूलना कि हर बुझता हुआ दीपक थोड़ा फड़फड़ाता है, वैसे ही TMC का दीया भी बुझने से पहले थोड़ा फड़फड़ा रहा है।  4 मई को नतीजे आने के बाद TMC के गुंडों को बंगाल में छुपने की जगह नहीं मिलेगी, उन्हें कोई बचाने वाला नहीं मिलेगा। कल पहले चरण के मतदान ने TMC के महाजंगलराज के अंत का उद्घोष कर दिया है।

ये बंगाल में नई क्रांति की बेला है

प्रधानमंत्री ने कहा गुलामी की बेड़ियां तोड़ने के लिए नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने राष्ट्र का आह्वान किया था – तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। ये बंगाल में नई क्रांति की बेला है। ये क्रांति आपके एक वोट से होगी। इसलिए मैं बंगाल की जनता से करबद्ध प्रार्थना करता हूं कि आप हमें वोट रूपी आशीर्वाद दीजिए, हम मिलकर बंगाल को अनेक कष्टों से आजादी दिलाएंगे। ये आजादी होगी TMC के भय से, भ्रष्टाचार से, सिंडिकेट से, बेटियों पर अत्याचार से, पलायन की मजबूरी से, बेरोजगारी और बेकारी से, घुसपैठियों के कब्जे से। बंगाल का गौरव फिर से लौटाने के लिए, बंगाल को फिर से अवसरों की भूमि बनाने के लिए ये आजादी बहुत जरूरी है।

मोदी ने कहा मैं देख रहा हूं कि बंगाल की नारीशक्ति 21वीं सदी के बंगाल की नई गाथा लिखने जा रही है। बंगाल की हर महिला कह रही है- अब नहीं सहेंगे, TMC सरकार बदलकर रहेंगे। मैं आज बंगाल की हर बेटी को ये भरोसा दिलाने आया हूं कि भाजपा, बेटियों के सपने नहीं कुचलने देगी। 4 मई को भाजपा सरकार बनने के बाद हर अन्याय, हर अत्याचार की फाइल खुलेगी, ये मोदी की गारंटी है।

कोई सिंडिकेट आपका हक नहीं छीन पाएगा

उन्होंने कहा भाजपा बंगाल की हर बहन-बेटी के सपनों को पूरा करने और उनका जीवन आसान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बंगाल की बहनों से भाजपा का सीधा वादा है कि भाजपा आपको सुरक्षा देगी, भाजपा आपको सम्मान देगी और भाजपा से ही आपको समृद्धि मिलने वाली है। भाजपा सरकार में यहां की हर महिला के जीवन में खुशहाली आएगी, गरीब बहनों को मुफ्त राशन मिलेगा। कोई सिंडिकेट आपका हक नहीं छीन पाएगा। आपका घर का सपना भी पूरा होगा। पीएम आवास योजना के तहत 1.5 लाख रुपये तक की मदद मिलेगी और जो घर बनेगा वो महिलाओं के नाम पर ही होगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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