कांग्रेस पार्टी की छात्र शाखा, नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) में नेतृत्व का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। लंबी स्क्रूटनी और कई दौर के इंटरव्यू के बाद, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संगठन की कमान राजस्थान के युवा नेता विनोद जाखड़ को सौंप दी है। जाखड़ अब NSUI के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर देशभर में छात्र संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
विनोद जाखड़ का यह सफर छात्र राजनीति में संघर्ष और दृढ़ संकल्प की एक मिसाल है। वह उस वक्त राष्ट्रीय सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने पार्टी से टिकट न मिलने के बावजूद निर्दलीय चुनाव लड़कर एक बड़ी जीत हासिल की थी।
जयपुर के एक दलित परिवार से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफर
विनोद जाखड़ का जन्म 7 सितंबर 1994 को जयपुर के पास विराटनगर तहसील के मेढ गांव में एक सामान्य दलित परिवार में हुआ था। उनके पिता एक मिस्त्री हैं और मां गृहिणी। चार भाई-बहनों में सबसे बड़े विनोद महज सात साल की उम्र में अपने परिवार के साथ जयपुर आ गए थे। यहां उनके पिता को एक निजी स्कूल में काम मिला, जिसकी वजह से विनोद को मुफ्त शिक्षा का अवसर प्राप्त हुआ।
अपनी शुरुआती शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातक (बीए) की डिग्री हासिल की। इसके बाद, 2017 में उन्होंने समाजशास्त्र में एमए किया। वर्तमान में वह राजस्थानी भाषा में भी एमए की पढ़ाई कर रहे हैं।
जब टिकट कटा और निर्दलीय जीतकर रचा इतिहास
विनोद जाखड़ का राजनीतिक करियर 2014 में शुरू हुआ, जब वह राजस्थान कॉलेज के अध्यक्ष चुने गए। उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ 2018 में आया। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए NSUI से टिकट की दावेदारी की, लेकिन पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया।
इस झटके से हार मानने के बजाय, जाखड़ ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया। अगस्त 2018 में आए नतीजों ने सबको चौंका दिया, जब उन्होंने अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की। यह एक ऐतिहासिक क्षण था, क्योंकि वह विश्वविद्यालय के लगभग 70 साल के इतिहास में अध्यक्ष बनने वाले पहले दलित छात्र थे।
संगठन में बढ़ती भूमिका और नई जिम्मेदारी
उनकी इस कामयाबी ने पार्टी का ध्यान उनकी ओर खींचा। संगठन में उनकी सक्रियता बढ़ती गई। पिछले साल, उन्होंने नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए 800 किलोमीटर की साइकिल यात्रा निकाली, जिसने काफी सुर्खियां बटोरीं। इसी साल फरवरी 2024 में, उन्हें राजस्थान NSUI का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। अब कुछ ही महीनों के भीतर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर संगठन का नेतृत्व करने का मौका मिला है, जो उनके राजनीतिक कद को दर्शाता है।





