मणिपुर में लगभग एक साल से जारी राजनीतिक अनिश्चितता का दौर खत्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नया नेता चुना है और वह राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने विधायक दल की बैठक में उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।
युमनाम खेमचंद दो बार के विधायक हैं और पिछली बीरेन सिंह सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वह मैतेई समुदाय से आते हैं। नई सरकार में जातीय समीकरणों को साधने के लिए दो उपमुख्यमंत्री भी बनाए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, शपथ ग्रहण समारोह बुधवार, 3 फरवरी 2026 को हो सकता है।
जातीय हिंसा के बाद लगा था राष्ट्रपति शासन
मणिपुर में पिछले साल मेइती और कुकी समुदायों के बीच भीषण जातीय हिंसा हुई थी। हालात बेकाबू होने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद 13 फरवरी, 2025 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। इसे अगस्त 2025 में छह महीने के लिए और बढ़ाया गया था, जिसकी अवधि 12 फरवरी को समाप्त हो रही है। इस दौरान 60 सदस्यीय विधानसभा को निलंबित रखा गया था।
सरकार गठन से पहले दिल्ली में हुआ मंथन
लोकप्रिय सरकार की बहाली के लिए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने पिछले कुछ महीनों में कई दौर की बैठकें कीं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था। हाल ही में, पूर्व सीएम बीरेन सिंह, विधानसभा अध्यक्ष सत्यब्रत सिंह और युमनाम खेमचंद सिंह ने दिल्ली में पार्टी आलाकमान के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की थी, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी भी मौजूद थीं।
पार्टी नेतृत्व ने राज्य में शांति बहाली और स्थिर सरकार के गठन के लिए मेइती और कुकी विधायकों के साथ-साथ सहयोगी दलों NPF और NPP के नेताओं से भी अलग-अलग चर्चा की। 14 दिसंबर, 2025 को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष और पूर्वोत्तर मामलों के समन्वयक संबित पात्रा ने दिल्ली में दोनों समुदायों के BJP विधायकों की एक साथ बैठक भी की थी।
मणिपुर विधानसभा का समीकरण
60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में BJP सबसे बड़ी पार्टी है। 2022 के चुनाव में पार्टी ने 32 सीटें जीती थीं, लेकिन बाद में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के पांच विधायकों के विलय के बाद उसकी संख्या बढ़कर 37 हो गई। सदन में नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के छह, नगा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के पांच, कांग्रेस के पांच, कुकी पीपुल्स अलायंस (KPA) के दो, JDU का एक और तीन निर्दलीय विधायक हैं। एक सीट विधायक के निधन के कारण खाली है।





