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PPC 2026: PM मोदी 6 फरवरी को करेंगे ‘परीक्षा पे चर्चा’, नए फॉर्मेट और रिकॉर्ड भागीदारी के साथ होगा 9वां संस्करण

Written by:Banshika Sharma
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम 'परीक्षा पे चर्चा' का नौवां संस्करण 6 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे आयोजित होगा। इस बार यह कार्यक्रम नए प्रारूप में हो रहा है, जिसमें पीएम देश के अलग-अलग हिस्सों के छात्रों से संवाद कर रहे हैं। इस साल 6.76 करोड़ से अधिक की कुल भागीदारी दर्ज की गई है।
PPC 2026: PM मोदी 6 फरवरी को करेंगे ‘परीक्षा पे चर्चा’, नए फॉर्मेट और रिकॉर्ड भागीदारी के साथ होगा 9वां संस्करण

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वार्षिक संवाद कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ (PPC) 2026 की तारीख की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। इसका नौवां संस्करण 6 फरवरी 2026 को सुबह 10 बजे आयोजित होगा, जिसमें पीएम मोदी देशभर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ सीधा संवाद करेंगे। इस बार कार्यक्रम के प्रारूप में एक बड़ा बदलाव किया गया है।

परंपरागत रूप से दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में होने वाले इस कार्यक्रम को इस साल एक नया रूप दिया गया है। पीएम मोदी देश के अलग-अलग क्षेत्रों के छात्रों से सीधे मुलाकात कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर और गुवाहाटी के विद्यार्थियों से बातचीत की। इसके अलावा कुछ छात्र नई दिल्ली में 7, लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री से भी मिले। इस संबंध में पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट भी साझा किया।

रिकॉर्ड 6.76 करोड़ से ज्यादा की भागीदारी

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, ‘परीक्षा पे चर्चा’ के नौवें संस्करण के लिए 4.5 करोड़ से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इसके अलावा, 2.26 करोड़ लोगों ने PPC से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। इस तरह इस साल कुल भागीदारी का आंकड़ा 6.76 करोड़ से ज्यादा हो गया है, जो अपने आप में एक नया कीर्तिमान है।

पिछले साल बना था गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

बता दें कि पिछले साल ‘परीक्षा पे चर्चा’ 2025 ने 3.53 करोड़ रजिस्ट्रेशन के साथ एक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। यह रिकॉर्ड “एक महीने में सिटीजन एंगेजमेंट प्लेटफॉर्म पर सबसे अधिक लोगों के रजिस्ट्रेशन” के लिए दिया गया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य परीक्षा के तनाव को कम कर इसे एक ‘उत्सव’ के रूप में मनाने के लिए छात्रों को प्रेरित करना है।

इस कार्यक्रम की शुरुआत पहली बार 16 फरवरी, 2018 को की गई थी, जिसका मकसद बोर्ड परीक्षाओं और अन्य प्रवेश परीक्षाओं से पहले छात्रों का मनोबल बढ़ाना और उन्हें तनाव मुक्त रखना है।