नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते को देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महीनों की जटिल बातचीत के बाद एक ऐसी डील को अंतिम रूप दिया है, जो भारत के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और जनहित को प्राथमिकता देगी।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते के लिए पूरा देश पीएम मोदी का आभारी है। उन्होंने कहा कि यह डील भारत की अर्थव्यवस्था को गति देगी और हर गरीब के लिए अवसरों के नए रास्ते खोलेगी।
कई महीनों की बातचीत का नतीजा
गोयल ने बताया कि इस समझौते तक पहुंचने की राह आसान नहीं थी। उन्होंने कहा, “हमारी टीम महीनों से लगातार बातचीत कर रही थी। इसमें कई जटिल विषय और समस्याएं थीं। भारत पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगा हुआ था, जिससे सभी को परेशानी हो रही थी।”
“प्रधानमंत्री ने जो ट्रेड डील फाइनल की है, वह सभी पड़ोसियों के मुकाबले भारत को मिली सबसे बढ़िया डील है। यह देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक अच्छा संकेत है।”- पीयूष गोयल, वाणिज्य मंत्री
उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी ने मित्रता के आधार पर भारत के हितों को विश्व मंच पर मजबूती से रखा, जिसके परिणामस्वरूप यह शानदार समझौता संभव हो सका।
MSME और कृषि क्षेत्र को बड़ा लाभ
इस व्यापार समझौते से होने वाले फायदों पर प्रकाश डालते हुए गोयल ने कहा कि इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को सबसे अधिक लाभ होगा।
उन्होंने कहा, “मैं मानता हूं कि इस डील से MSME को ढेर सारे मौके मिलेंगे। टेक्सटाइल, ज्वेलरी, मरीन गुड्स जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। अब छोटे कारोबारी भी अपना सामान आसानी से अमेरिका में बेच सकेंगे।”
इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समझौते में भारतीय किसानों और डेयरी उद्योग के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने हमेशा कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों की रक्षा की है और इस डील में भी इन क्षेत्रों को पूरा संरक्षण दिया गया है।
ट्रंप का भी जताया आभार
पीयूष गोयल ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा, “मैं ट्रंप का भी धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने पीएम मोदी की मित्रता का सम्मान किया और भारत को सबसे अच्छा ट्रेड डील दिया।” उन्होंने यह भी साफ किया कि चूंकि टैरिफ ट्रंप ने ही लगाए थे, इसलिए उन्हें ही सबसे पहले इस डील की जानकारी देना जरूरी था। गोयल ने इस समझौते को सिर्फ एक ट्रेड डील नहीं, बल्कि भारत के उज्ज्वल भविष्य का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।





