नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भारत-अमेरिका के बीच हुई व्यापार डील को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस डील को करोड़ों किसानों और आम जनता के लिए ‘काला दिन’ करार देते हुए कहा कि सरकार ने अमेरिका के सामने सरेंडर कर दिया है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय सिंह ने दावा किया कि इस महत्वपूर्ण फैसले की जानकारी भारत सरकार के बजाय अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक ट्वीट के जरिए दी, जो बेहद हैरान करने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश को भरोसे में लिए बिना यह सौदा किया है, जिसके दूरगामी नकारात्मक परिणाम होंगे।
‘रूस से सस्ता तेल बंद, अमेरिका से होगी महंगी खरीद’
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि इस डील के तहत भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा, बल्कि अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए मजबूर होगा। उन्होंने इस फैसले को देशहित के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर आम जनता की जेब पर बोझ डालेगा।
“यह फैसला देशहित के खिलाफ है। वेनेजुएला का तेल घटिया क्वालिटी का होता है, जिसे रिफाइन करना बेहद महंगा पड़ता है। वहीं अमेरिका का तेल रूस की तुलना में कहीं ज्यादा महंगा है। इसका सीधा असर भारत की जनता पर पड़ेगा और पेट्रोल-डीजल से लेकर हर जरूरी चीज महंगी होगी।”- संजय सिंह, सांसद, AAP
उनके मुताबिक, रूस से सस्ता तेल मिलने से देश को जो आर्थिक राहत मिल रही थी, सरकार ने उसे खत्म कर दिया है। इससे आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ने की आशंका है।
किसानों पर सबसे बड़ा हमला: AAP
आप सांसद ने इस डील का सबसे खतरनाक पहलू किसानों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अमेरिका से आने वाले सभी कृषि उत्पादों पर शुल्क शून्य करने का निर्णय किया है।
उन्होंने विस्तार से बताया, “इसका मतलब है कि अमेरिका से आने वाला कपास, गेहूं, सब्जियां और अन्य कृषि उत्पाद टैक्स फ्री होंगे। इससे अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते बिकेंगे और भारतीय किसानों की फसल कोई खरीदने वाला नहीं रहेगा।”
संजय सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि देश की लगभग 70 से 80 करोड़ आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से खेती पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि यह डील भारतीय किसान की ‘पीठ और पेट दोनों पर छुरा घोंपने’ जैसा है, जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।





