नई दिल्ली: जातीय हिंसा से प्रभावित मणिपुर में लगभग एक साल बाद सरकार गठन की कवायद तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दो बार के विधायक और पूर्व मंत्री युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना है। इस फैसले के साथ ही वे प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री होंगे। यह घोषणा 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन की अवधि समाप्त होने से ठीक पहले हुई है।
मणिपुर में मेइती और कुकी समुदायों के बीच लंबे समय तक चली जातीय हिंसा के बाद 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद 60 सदस्यीय विधानसभा को निलंबित कर दिया गया था। अगस्त 2025 में राष्ट्रपति शासन को छह महीने के लिए और बढ़ा दिया गया था।
दिल्ली में बैठकों के बाद लिया गया फैसला
मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाने से पहले दिल्ली में कई दौर की बैठकें हुईं। कुछ दिन पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह, निलंबित विधानसभा के अध्यक्ष सत्यब्रता सिंह और युमनाम खेमचंद सिंह ने BJP के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की थी। इस बैठक में प्रदेश BJP अध्यक्ष ए शारदा देवी भी शामिल थीं।
इसके अलावा, BJP के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष और पूर्वोत्तर मामलों के समन्वयक संबित पात्रा ने 14 दिसंबर 2025 को दिल्ली में मेइती और कुकी समुदाय के सभी BJP विधायकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में सरकार बनाने के लिए राजनीतिक हालात का जायजा लेना था।
कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह?
युमनाम खेमचंद सिंह मणिपुर की राजनीति में एक जाना-पहचाना चेहरा हैं। वे दो बार विधायक चुने जा चुके हैं और पिछली एन बिरेन सिंह सरकार में मंत्री पद भी संभाल चुके हैं। खेमचंद सिंह मैतेई समुदाय से आते हैं, जिसकी राज्य में बड़ी आबादी है।
विधानसभा में BJP की मजबूत स्थिति
60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में BJP के पास पूर्ण बहुमत है। 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 32 सीटें जीती थीं। बाद में JDU के 6 में से 5 विधायकों के शामिल होने से BJP के विधायकों की संख्या बढ़कर 37 हो गई। सदन में नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के 6, नगा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के 5, कांग्रेस के 5, कुकी पीपुल्स अलायंस (KPA) के दो, JDU का एक और तीन निर्दलीय विधायक हैं। एक सीट एक विधायक के निधन के कारण खाली है।





