सीएम राइज सांदीपनि स्कूल के निर्माण को लेकर विवाद, ऐतिहासिक ‘लाल माटी’ ग्राउंड बचाने धरने पर बैठे लोग, कलेक्टर ने दी सफाई

कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि स्कूल समय के बाद ये सभी खेल सुविधाएं आम नागरिकों और स्थानीय खिलाड़ियों के सार्वजनिक उपयोग के लिए हमेशा उपलब्ध रहें।
Neemuch CM Rise Sandipani School construction Controversy

Neemuch CM Rise Sandipani School construction Controversy

नीमच शहर के ऐतिहासिक बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 के खेल मैदान पर ‘सीएम राइज सांदीपनि विद्यालय’ भवन निर्माण का कार्य शुरू होते ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्राउंड पर खुदाई के लिए जेसीबी मशीनें पहुंचते ही स्थानीय नागरिक, खेल प्रेमी, युवा और जनप्रतिनिधि आक्रोशित हो गए। बड़ी संख्या में लोगों ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया और जेसीबी के सामने जमीन पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि शहर की पहचान बन चुके इस एकमात्र खुले ‘लाल माटी’ खेल मैदान के अस्तित्व को किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होने दिया जाएगा।

शिक्षा का विरोध नहीं, मैदान बचाने की लड़ाई

धरने पर बैठे स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने मीडिया से बातचीत में प्रशासन के फैसले पर कड़े सवाल खड़े किए। प्रदर्शन में शामिल कीर्ति पंचोली ने कहा, यह लड़ाई शिक्षा बनाम खेल की नहीं है। हम शिक्षा के विस्तार के विरोधी नहीं हैं, लेकिन जनता के हक का खुला मैदान छीनना गलत है। शहर में पहले ही 8 से 10 खेल मैदान खत्म हो चुके हैं। आजादी के इतने सालों बाद शहर को नए खेल मैदान मिलने चाहिए थे, लेकिन जो बचा है उसे भी खत्म किया जा रहा है। यह मैदान अमीर-गरीब सभी के लिए बिना किसी अनुमति के खुला रहता है, जहां सुबह लोग दौड़ने आते हैं और बच्चे खेलते हैं। प्रदर्शनकारियों ने यह आरोप भी लगाया कि प्रशासन और राजनेताओं की अनदेखी के चलते शहर की कई बेशकीमती जमीनें पहले ही दूसरों के नाम हो गईं, लेकिन बच्चों के खेलने की जगह पर बुलडोजर चलाया जा रहा है।

कलेक्टर बोले- ‘भ्रामक है स्टेडियम खत्म होने की बात, मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं’

विवाद बढ़ता देख नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने वीडियो संदेश जारी कर स्थिति को स्पष्ट किया और शहरवासियों को आश्वस्त किया कि खेल मैदान को समाप्त नहीं किया जा रहा है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने बताया कि खेल मैदान को और बेहतर बनाया जा रहा है, उसमें विश्व स्तरीय खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराई जायेंगी कलेक्टर के मुताबिक…

  • क्रमांक-2 के प्रांगण में बनने वाले सांदीपनि विद्यालय में लगभग 1,800 बच्चे आधुनिक पद्धति से शिक्षा प्राप्त करेंगे। इसमें अत्याधुनिक फिजिक्स, केमिस्ट्री, आईसीटी लैब्स, बड़ा ऑडिटोरियम और छोटे बच्चों के लिए किड्स-फ्रेंडली क्लासरूम तैयार किए जा रहे हैं।
  • कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि खेल मैदान खत्म होने की खबर पूरी तरह भ्रामक है। स्कूल परिसर के साथ ही अत्याधुनिक खेल अधोसंरचना भी तैयार की जा रही है। इसमें 400 मीटर का एथलेटिक ट्रैक, हॉकी और फुटबॉल ग्राउंड, एक अलग क्रिकेट ग्राउंड, 2 क्रिकेट प्रैक्टिस नेट्स, 2 बास्केटबॉल कोर्ट और 1 फ्लडलाइट युक्त वॉलीबॉल कोर्ट शामिल हैं।
  • उन्होंने कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि स्कूल समय के बाद ये सभी खेल सुविधाएं आम नागरिकों और स्थानीय खिलाड़ियों के सार्वजनिक उपयोग के लिए हमेशा उपलब्ध रहें।

तनाव बरकरार, वैकल्पिक जमीन की मांग पर अड़े नागरिक

कलेक्टर के आश्वासन के बाद भी स्थानीय खेल प्रेमियों और नागरिकों का रुख कड़ा बना हुआ है। नागरिकों का कहना है कि स्कूल का निर्माण किसी अन्य रिक्त शासकीय भूमि पर कराया जाए और इस ऐतिहासिक प्राकृतिक ग्राउंड के मूल स्वरूप के साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए। मैदान पर विरोध प्रदर्शन के चलते फिलहाल काम रुका हुआ है और स्थिति पर प्रशासन नजर बनाए हुए है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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