जावद में इंद्रदेव को मनाने का अनोखा तरीका, जलमग्न किए गए भोलेनाथ

इंद्रदेव को मनाने के लिए देश के अलग-अलग इलाकों में लोग अलग-अलग जतन करते दिखाई दे रहे हैं। कोई गधे को गुलाब जामुन खिला रहा है तो कोई धार्मिक अनुष्ठान कर रहा है। इसी कड़ी में जावद में महादेव को जलमग्न किया गया।
Jawad

नीमच अंचल में अच्छी बारिश की मंगल कामना को लेकर नगर में आस्था के अनूठे रंग देखने को मिल रहे हैं। जावद में रामधुन, भजन-कीर्तन, प्रभात फेरी और घास भेरुजी की पूजा के साथ ही अब देवाधिदेव महादेव को जलमग्न भी किया गया है।

जावद बस स्टैंड स्थित अतिप्राचीन श्री बटकेश्वर महादेव मंदिर में पंडित अशोक भारद्वाज के मंत्रोच्चार के बीच भोलेनाथ का अभिषेक हुआ। इसके बाद सनातनी भक्तों ने गर्भगृह में ईंट-पत्थर की अस्थायी दीवार बनाकर शिवलिंग को पूरी तरह जलमग्न कर दिया।

महादेव के जलमग्न होते ही झमाझम बारिश

स्थानीय लोगों के बीच ये वाकया किसी चमत्कार से कम नहीं रहा क्योंकि महादेव को जलमग्न करने के मात्र आधे घंटे बाद ही क्षेत्र में मूसलाधार बारिश देखने को मिली। सूखे से निजात पाने के लिए यह पुरानी परंपरा है। भक्तों का अटूट विश्वास है कि इस अनुष्ठान से भगवान प्रसन्न होते हैं। जब क्षेत्र में पर्याप्त वर्षा हो जाएगी, तब ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ भोलेनाथ को जल से बाहर निकाला जाएगा।

निकाली गई रामधुन

इधर, इंद्रदेव को मनाने के लिए नगर में निकाली जा रही रामधुन का उत्साह भी चरम पर है। अच्छी वर्षा की कामना को लेकर निकाली गई 5 दिवसीय रामधुन के समापन पर हनुमान चालीसा व महाआरती के पश्चात भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।

कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
Diksha Bhanupriy

10 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में.

"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
Follow Us :GoogleNews