जमीन विवाद को लेकर बवाल: एसपी कार्यालय पहुंचे ग्रामीण, दबंगों पर मारपीट और पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप

ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, क्रॉस कायमी कर दबंगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो तथा थाने में बैठाए गए लोगों को तुरंत रिहा किया जाए।
Uproar over land dispute Villagers reach Neemuch SP office

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नीमच जिले के हिंगोरिया गांव में जमीन के विवाद को लेकर तनाव की स्थिति बन गई है। विवादित कृषि भूमि पर कब्जे और मारपीट के विरोध में शनिवार को हिंगोरिया के ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में धरना दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पीड़ितों ने स्थानीय दबंगों पर अवैध कब्जे की नीयत से हमला करने और बघाना थाना पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करते हुए निर्दोषों को थाने में बैठाने का गंभीर आरोप लगाया है।

पीड़ित पक्ष के श्रवण नागदा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हिंगोरिया स्थित करीब डेढ़ बीघा (सर्वे नंबर 68 व 427/1) कृषि भूमि उनके परिवार की है, जो वसीयत के आधार पर चंद्रशेखर पिता ओंकारलाल नागदा के नाम पर है और वे 25 वर्षों से इस पर काबिज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस जमीन पर न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन होने के बावजूद रोशन वर्मा और उसके साथियों द्वारा राजनीतिक रसूख और बलपूर्वक कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।

खेत पर मारपीट, फायरिंग के आरोपों को बताया मनगढ़ंत

शिकायत के अनुसार, शुक्रवार को विरोधी पक्ष के लोग 15-20 की संख्या में लाठी-डंडों के साथ खेत पर पहुंचे और वहां मौजूद मनीष नागदा, जीतू नागदा, अर्जुन नागदा सहित बच्चों के साथ मारपीट की। वहीं, सामने वाले पक्ष द्वारा लगाए गए फायरिंग के आरोपों को पीड़ित परिवार ने पूरी तरह खारिज करते हुए झूठा बताया। उन्होंने कहा कि वे सीधे-सादे किसान हैं, उनके पास हथियार कहां से आएंगे।

पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप, विधायक को भी सौंपा ज्ञापन

पीड़ितों का आरोप है कि घटना के बाद जब वे रिपोर्ट लिखाने बघाना थाने पहुंचे, तो पुलिस ने उनकी शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। उल्टा राजनीतिक दबाव में आकर मनीष, जितेंद्र, अर्जुन और मुन्ना नागदा को थाने में ही हिरासत में बैठा लिया गया। थाने में न्याय न मिलने पर हिंगोरिया के ग्रामीणों ने एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई और विधायक के नाम भी एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, क्रॉस कायमी कर दबंगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो तथा थाने में बैठाए गए लोगों को तुरंत रिहा किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की तो वे बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

Kamlesh Sarda
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