आखिर क्यों मध्य प्रदेश में एक भाई ने किया अपनी जीवित बहन का अंतिम संस्कार? देखें ख़बर

भाई का कहना था कि जब हम उससे मिलने गए और घर चलने के लिए कहा तो उसने कह दिया कि वो हम लोगों को पहचानती ही नहीं है इसलिए अब वो हमारे लिए मर गई है ।
Neemuch News

Neemuch News : मध्य प्रदेश के नीमच जिले के बघाना में एक हैरान कर देने वाला और रिश्तों को तार तार कर देने वाला मामला सामने आया है। एक परिवार ने अपनी 19 वर्षीय बेटी  को मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया, क्योंकि उसने अपनी पसंद के लड़के से प्रेम विवाह कर लिया था और घर लौटने और घर वालों को पहचानने से इंकार कर दिया था।

दरअसल, बघाना निवासी 19 वर्षीय नवयुवती अपने प्रेमी के साथ घर से चली गई थी। परिवार ने तुरंत पुलिस में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए 13 मई को युवती को ढूंढ निकाला। हालांकि, जब पुलिस ने युवती से बात की, तो उसने स्पष्ट रूप से अपने प्रेमी के साथ रहने की इच्छा जताई और घर वापस जाने से इनकार कर दिया। युवती ने घर वालों को पहचानने तक से इंकार कर दिया, उसकी इस बात से पूरा परिवार सदमे में आ गया।

भाई ने जिंदा बहन का शोक संदेश छपवाया और वितरित किया    

उसके इस फैसले से नाराज़ परिवार ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया। परिवार ने अपनी जिंदा बेटी को मृत घोषित करने का फैसला कर लिया। इसके बाद, युवती के भाई ने उसकी मृत्यु का शोक संदेश तैयार करवाया। इस संदेश में उसकी असामयिक मृत्यु की तिथि 25 अप्रैल 2025 दर्शाई गई थी। परिवार ने रिश्तेदारों और परिचितों को बारहवें की रस्म के लिए आमंत्रित किया।

तस्वीर के सामने निभाई रस्में, रिश्तेदारों गांव वालों को कराया भोज 

14 मई, बुधवार को परिवार ने सभी अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। घर में युवती की तस्वीर के सामने धूप-ध्यान किया गया और शाम तक चले कार्यक्रम में रिश्तेदारों और पड़ोसियों को भोज कराया गया। इस दौरान ऐसा माहौल बनाया गया जैसे वास्तव में किसी की मृत्यु हो गई हो। परिवार ने इस घटना के बाद अपनी बेटी को हमेशा के लिए त्यागने का कठोर निर्णय लिया है।

मृत्यु भोज बना चर्चा का विषय  

यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और प्रेम विवाह को लेकर समाज में व्याप्त रूढ़िवादी सोच को दर्शाती है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस मामले में आगे क्या कानूनी या सामाजिक कदम उठाए जाते हैं।

नीमच से कमलेश सारडा की रिपोर्ट

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews