नीमच नगर पालिका परिषद की बैठक अखाड़े में तब्दील हो गई। बंगला नंबर 60 स्थित सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बवाल हुआ। सदन में तख्तियां लहराई गईं, नारेबाजी हुई और कांग्रेस पार्षद व नपा अध्यक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। कांग्रेस ने जहाँ खुद को महिला आरक्षण का असली पैरोकार बताया, वहीं नपा अध्यक्ष स्वाति गौरव चोपड़ा ने विपक्ष पर ‘झूठ की राजनीति’ करने का आरोप लगाया। भारी हंगामे के बीच आखिरकार परिषद ने बहुमत से प्रस्ताव पारित कर दिया।
नीमच नगर पालिका के बंगला नंबर 60 स्थित सभाकक्ष में बीते रोज बुधवार को कार्यवाही शुरू होते ही माहौल गरमा गया। विपक्षी पार्षदों ने मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके जवाब में भाजपा पार्षदों ने भी ‘हर-हर मोदी’ के नारे लगाए और सदन पूरी तरह से हंगामे की भेंट चढ़ गया।
कांग्रेस ने अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर उठाये सवाल
बहस के दौरान माहौल तब और तीखा हो गया जब कांग्रेस पार्षद कविता लोकस ने नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चौपड़ा की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि परिषद में विपक्ष का कोई सम्मान नहीं किया जा रहा है। इस पर नपा अध्यक्ष स्वाति चौपड़ा ने भी कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस पर ‘झूठ की राजनीति’ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष महिलाओं के सम्मान से जुड़े इतने महत्वपूर्ण विषय का भी विरोध कर रहा है।
सदन में दोनों पक्षों का भारी हंगामा
सदन में काफी देर तक हंगामा और दोनों पक्षों के बीच खींचतान जारी रही। लेकिन इस भारी शोरगुल के बीच भी पीठासीन अधिकारी ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर पालिका के अधिकारी भी मुस्तैद रहे। अंततः नगर पालिका परिषद ने बहुमत के आधार पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संबंधित प्रस्ताव और विपक्ष के रवैये के खिलाफ निंदा प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
नपा अध्यक्ष ने कांग्रेस पर किया पलटवार
बैठक के बाद प्रेसवार्ता में नपा अध्यक्ष स्वाति चौपड़ा ने कांग्रेस के दावों की हवा निकालते हुए कहा कि 2023 में पास हुआ महिला आरक्षण बिल संवैधानिक प्रक्रिया के तहत परिसीमन के बाद ही लागू होगा। उन्होंने याद दिलाया कि 2001 में परिसीमन पर 2026 तक के लिए रोक लगाई गई थी। 2026 में नई जनगणना के आधार पर ही इसे लागू करना संवैधानिक रूप से सही है। उन्होंने यह भी कहा कि पानी की समस्या को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन सिर्फ इस मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने की एक कोशिश थी, जबकि शहर की जल आपूर्ति सुचारू रखने के लिए पूरी टीम मुस्तैदी से काम कर रही है।






