एनडीपीएस कोर्ट नीमच के विशेष न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार बाजोलीया की अदालत ने अवैध मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े मामले में अहम फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी शाहरुख पिता फिरोज खान (25 वर्ष, निवासी नीमच सिटी) को 14.560 किलोग्राम स्मैक की तस्करी के जुर्म में 17 वर्ष के सश्रम कारावास और दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष जिला लोक अभियोजक चंचल बाहेती द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, घटना 18 अक्टूबर 2022 की है। नीमच सिटी थाने में पदस्थ तत्कालीन उपनिरीक्षक असलम पठान को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी। इसी आधार पर पुलिस टीम ने चौथखेड़ा फंटा बायपास रोड, नीमच पर नाकाबंदी की।
कार में मिली 14.560 किलोग्राम अवैध स्मैक
कुछ देर बाद जावरा की तरफ से आ रही एक सफेद रंग की बलेनो कार (क्रमांक GJ 23 BD 6477) को रोका गया। कार चालक शाहरुख ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस फोर्स ने उसे घेर लिया। जब कार की तलाशी ली गई, तो ड्राइवर सीट के पीछे वाली जगह से 14 पैकेट बरामद हुए, जिनमें कुल 14.560 किलोग्राम अवैध स्मैक भरी हुई थी जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।
असम के गुवाहाटी से जुड़े थे तार, NCB ने की विवेचना
इस मामले में नीमच सिटी पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध (क्रमांक 430/2022) दर्ज किया था। बाद में मध्य प्रदेश शासन के निर्देश पर इस मामले की अग्रिम विवेचना नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) इंदौर को स्थानांतरित कर दी गई। एनसीबी इंदौर के विवेचक संदीप सिंह भदौरिया की जांच में यह बात सामने आई कि शाहरुख को यह स्मैक असम के गुवाहाटी से प्रतापगढ़ निवासी बाबू उर्फ सिद्दीक ने भेजी थी। यह खेप कमलेश शर्मा उर्फ पंडित को दी जानी थी। इसके बाद एनसीबी ने न्यायालय में चालान पेश किया।
अभियोजन की मजबूत पैरवी, एक आरोपी फरार
इस गंभीर मामले में शासन की ओर से विशेष जिला लोक अभियोजक चंचल बाहेती और उनके सहयोगी अपर लोक अभियोजक इमरान खान ने प्रभावी ढंग से पैरवी की। न्यायालय ने प्रकरण में आए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर 6 अगस्त 2026 को आरोपी शाहरुख खान को दोषी मानते हुए यह सख्त सजा सुनाई है। वहीं, इस प्रकरण में एक अन्य आरोपी कमलेश शर्मा वर्तमान में न्यायालय से फरार चल रहा है।






