नीमच में 200 कर्मचारियों ने बनाई मानव श्रृंखला, ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान के तहत ली नशामुक्ति की शपथ

मध्य प्रदेश के नीमच जिले में "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत धानुका फैक्ट्री में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। करीब 200 कर्मचारियों ने मानव श्रृंखला बनाकर "NO TO DRUGS" का संदेश दिया और आजीवन नशे से दूर रहने की शपथ ली।
नीमच में 200 कर्मचारियों ने बनाई मानव श्रृंखला, 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत ली नशामुक्ति की शपथ

नीमच में सोमवार को आयोजित नशा मुक्ति जनजागरूकता कार्यक्रम में धानुका फैक्ट्री के करीब 200 कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी कर्मचारियों ने एक विशाल मानव श्रृंखला बनाकर नशे के खिलाफ एकजुटता दिखाई और समाज को सकारात्मक संदेश दिया।

नारकोटिक्स प्रकोष्ठ की ओर से आयोजित इस अभियान में अधिकारियों ने कर्मचारियों को बताया कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों पर भी इसका गहरा असर पड़ता है। इसी उद्देश्य से “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान को लगातार अलग-अलग संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचाया जा रहा है।

नशे से दूरी’ का दिया संदेश

कार्यक्रम के दौरान नारकोटिक्स प्रकोष्ठ के निरीक्षक बलराम सिंह रघुवंशी ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे की लत धीरे-धीरे इंसान की सोच, सेहत और आर्थिक स्थिति को कमजोर कर देती है। उन्होंने कहा कि यदि युवा वर्ग समय रहते इस खतरे को समझ ले, तो समाज को कई बड़ी समस्याओं से बचाया जा सकता है। कर्मचारियों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम का सबसे खास आकर्षण मानव श्रृंखला रही, जिसमें करीब 200 कर्मचारियों ने एक साथ खड़े होकर “NO TO DRUGS” का संदेश दिया। इसके बाद सभी ने आजीवन नशामुक्त रहने और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की शपथ ली। आयोजन में एएसआई किरण शर्मा, प्रधान आरक्षक आशीष शुक्ला, आरक्षक प्रशांत कैथवास और राहुल जैन ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे अभियान तभी सफल होंगे जब समाज का हर वर्ग इसमें भागीदारी निभाएगा।

युवाओं को नशे से बचाने पर जोर

विशेषज्ञों का मानना है कि नशा रोकने के लिए केवल कानून पर्याप्त नहीं है, बल्कि जागरूकता और सामाजिक सहयोग भी उतना ही जरूरी है। इसी सोच के साथ स्कूलों, कॉलेजों, औद्योगिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा देने और नशे के बढ़ते खतरे के प्रति सचेत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


नीमच में आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी कड़ी का हिस्सा रहा, जहां कर्मचारियों ने केवल शपथ ही नहीं ली, बल्कि अपने व्यवहार से भी यह संदेश दिया कि स्वस्थ समाज के निर्माण में हर नागरिक की भूमिका अहम है। प्रशासन का मानना है कि जब आम लोग स्वयं आगे आकर नशे के खिलाफ अभियान का हिस्सा बनते हैं, तब इसका असर ज्यादा व्यापक होता है। आने वाले समय में जिले के अन्य संस्थानों में भी इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें और नशामुक्त समाज बनाने के प्रयास को मजबूत किया जा सके।

Bhawna Choubey
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