
प्रदेश की प्रमुख कृषि उपज मंडियों में शुमार नीमच कृषि उपज मंडी में किसानों के साथ दोहरी आर्थिक लूट का मामला सामने आता है। किसानों का कहना है कि मंडी परिसर में हम्माली के नाम पर किसानों से दो-दो जगह अवैध वसूली की जा रही है। जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस खुली लूट से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक पीड़ित किसान मंडी की पर्चियां दिखाते हुए अपनी व्यथा सुना रहा है।
कैसे हो रही है किसानों के साथ दोहरी लूट?
मंडी में अपनी उपज लेकर पहुंचे पीड़ित किसान ने पर्चियां दिखाते बताया कि मंडी में कदम रखते ही किसानों का शोषण शुरू हो जाता है। किसान के अनुसार, मंडी परिसर में मौके पर ही हम्मालों द्वारा प्रति बोरी (दाग) 5 रुपये नकद वसूले जा रहे हैं। लूट का यह सिलसिला यहीं नहीं थमता। जब किसान अपनी उपज के भुगतान के लिए व्यापारी के पास जाता है, तो व्यापारी द्वारा भी बिल में से प्रति बोरी 7 से 9 रुपये हम्माली के नाम पर अलग से काट लिए जाते हैं। इस प्रकार एक ही उपज पर किसान को दो बार हम्माली चुकानी पड़ रही है।
अन्य मंडियों में नहीं है ऐसी मनमानी
पीड़ित किसान ने बताया कि वह पिछले 14-15 सालों से नीमच मंडी में अपनी उपज बेचने आ रहा है और हम्मालों की यह मनमानी लगातार जारी है। किसान का स्पष्ट कहना है कि आस-पास की अन्य किसी भी मंडी में इस तरह दो जगह हम्माली वसूलने का नियम नहीं है। यह अंधेरगर्दी केवल नीमच मंडी में ही चल रही है।
शिकायत के बाद भी मंडी प्रशासन मौन
किसानों का आरोप है कि इस अवैध वसूली और मनमानी के खिलाफ जब भी आवाज उठाई जाती है या विरोध किया जाता है, तो मंडी में उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। शिकायत करने पर मंडी प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर केवल औपचारिकता दिखाते हैं। लेकिन उनके जाते ही हम्माल और व्यापारी फिर से अपनी मनमानी शुरू कर देते हैं।
लगातार हो रही इस आर्थिक चोट से किसानों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। अन्नदाताओं ने जिला प्रशासन और मंडी बोर्ड के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस दोहरी वसूली पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर किसानों को इस लूट से राहत दिलाई जाए।
नीमच से कमलेश सारड़ा की रिपोर्ट

