केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) की मध्यप्रदेश इकाई ने अवैध रूप से साइकोट्रोपिक दवाओं की तस्करी और डायवर्जन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 66 लाख 79 हजार 980 टैबलेट जब्त की हैं। ‘ऑपरेशन वज्र 2.0’ के तहत यह कार्रवाई 27-28 अगस्त 2026 को की गई। मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दवाओं के परिवहन में इस्तेमाल SML Isuzu Sartaj ट्रक भी जब्त किया गया है।
CBN नीमच से मिली जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश इकाई को पंजाब-हिमाचल प्रदेश कॉरिडोर में बड़ी मात्रा में साइकोट्रोपिक दवाओं की अवैध आवाजाही की विशेष सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने चंडीगढ़-बद्दी अंतरराज्यीय मार्ग पर निगरानी बढ़ाई। 27 अगस्त को उत्तर प्रदेश नंबर के एक संदिग्ध ट्रक को रोककर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और उसकी विस्तृत तलाशी ली गई।
120 मास्टर कार्टन में मिली दवाएं
तलाशी के दौरान ट्रक से 120 मास्टर कार्टन बरामद हुए, जिनमें नियंत्रित साइकोट्रोपिक दवाएं भरी थीं। इनमें 59,08,100 अल्प्राजोलम, 7,47,780 ट्रामाडोल, 23,700 नाइट्राजेपाम और 400 क्लोनाजेपाम टैबलेट शामिल हैं।
जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में दवाओं के ब्लिस्टर स्ट्रिप और बॉक्स से बैच नंबर, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट मिटाई गई थी। इसके अलावा कई दवाओं पर “Not to be sold in Punjab Haryana State” अंकित था, फिर भी उन्हें बिना वैध दस्तावेजों के क्षेत्र में ले जाया जा रहा था। अधिकारियों को इन दवाओं के साथ आवश्यक इनवॉइस, बिल्टी और ई-वे बिल भी नहीं मिले।
14 घंटे से अधिक चली कार्रवाई
CBN टीम ने कार्टनों की विस्तृत जांच, इन्वेंट्री और सीलिंग की कार्रवाई रातभर 14 घंटे से अधिक समय तक की। पूरी खेप और ट्रक को NDPS एक्ट, 1985 के संबंधित प्रावधानों के तहत जब्त किया गया। वाहन चालक को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
CBN अब इस नेटवर्क से जुड़े निर्माण, सप्लाई और वितरण चैनल का पता लगाने में जुटा है। जांच में अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका भी सामने आने की संभावना है।
CBN के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 197 मामले दर्ज किए गए हैं, 272 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और करीब 51 हजार किलोग्राम विभिन्न NDPS पदार्थ तथा 12.72 करोड़ साइकोट्रोपिक दवाएं/कैप्सूल जब्त किए जा चुके हैं।






