
निवाड़ी, आशीष दुबे। निवाड़ी जनपद में बिना सक्षम स्वीकृति व गैर अनुपातिक रूप से स्वीकृत कर शुरू किए करीब 11 करोड़ की लागत के 262 निर्माण कार्यो को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। निवाड़ी कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी की इस बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। जानकारी यह भी सामने आई है इस मामले में डेढ़ दर्जन से अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई भी हो सकती है।
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कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी बताया कि जांच कमेटी द्वारा गठित जांच के अनुसार मनरेगा पोर्टल अनुसार जनपद पंचायत निवाड़ी में 262 कार्य बिना सक्षम स्वीकृति एवं गैर अनुपातिक रूप से स्वीकृत कर प्रारंभ कराए गए हैं। इन 262 निर्माण कार्यो की लागत 10 करोड़ 50 लाख से अधिक है। इन सभी को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत को निर्देशित किया गया है कि किसी भी निरस्त कार्य का लंबित भुगतान न किया जाए। उन्होंने बताया कि निरस्त कार्यों पर जो राशि व्यय की गई है उसके पृथक-पृथक प्रकरण तैयार कर धारा-92 के अंतर्गत वसूली की कार्रवाई हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत निवाड़ी व टीकमगढ़ को भेजे जाएं। वहीं जांच प्रतिवेदन में डेढ दर्जन अधिकारी व कर्मचारी दोषी पाए गए हैं, उनको कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
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निवाड़ी कलेक्टर ने जनपद निवाड़ी के उपयंत्री राकेश प्रजापति, उपयंत्री कुमारिल सारस्वत, उपयंत्री मुकेश कोरी, उपयंत्री अरविंद राय मूल पद पीसीओ, उपयंत्री इस्माइल खान, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी रामगुलाम अहिरवार, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी प्रभाकर दिनेश मिश्रा, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा उपयंत्री आरके जैन, सहायक यंत्री ग्रामीण यांत्रिकी सेवा अनुग्रह सिंह, उपयंत्री सुवेगा पाठक, उपयंत्री सत्यनारायण अहिरवार और उपयंत्री पुष्पेंद्र दांगी को वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में कारण बताओं नोटिस दिए है। इनकी तरफ से संतोषप्रद जवाब प्रस्तुत न होने पर सभी के खिलाफ कठोर व अपराधिक मामले दर्ज किए जाने की कार्रवाई की जाएगी।
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