राजस्थान सरकार की कैबिनेट बैठक में सोमवार को नगरीय विकास को बढ़ावा देने के लिए नई टाउनशिप पॉलिसी को मंजूरी दी गई। इसके तहत कॉलोनियों में खेल, पार्क, सुविधा क्षेत्र और श्रमिक आवास के लिए अलग से जमीन आरक्षित की जाएगी। कॉलोनाइजर को कॉलोनी का 5 साल तक मेंटेनेंस करना होगा। इसके अलावा तालाब, बावड़ी और नदियों के लिए बफर जोन बनाने का भी फैसला लिया गया। यह नीति मेडिकल टूरिज्म को भी आगे बढ़ाने में मदद करेगी।
RPSC में सदस्यों की संख्या बढ़ी
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में अब अध्यक्ष के अलावा 10 सदस्य होंगे जो पहले 7 थे। यह बदलाव भर्ती प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करने के लिए किया गया है। साथ ही सरकारी कर्मचारियों को प्रमोशन के लिए दो साल की छूट दी गई है। शासन सचिवालय सेवा नियम 1954 में बदलाव कर पदोन्नति का अनुपात 13:10 से बढ़ाकर 16:10 कर दिया गया है। इसके अलावा अनुकंपा नियुक्तियों में भी विशेष छूट दी गई है।
शिक्षा और कॉलेजों के नामकरण से जुड़ा अहम फैसला
कॉलेज शिक्षकों के लिए UGC के अनुसार करियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) लागू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे शिक्षकों को समय पर पदोन्नति मिल सकेगी। दो कॉलेजों का नाम बदलकर अब ओसियां (जोधपुर) का कॉलेज शहीद गोरखराम और गुढ़ा जोहड़ (रायसिंहनगर) का कॉलेज जंभेश्वर कन्या महाविद्यालय कर दिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आयाम
कैबिनेट ने मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए RUHS को एम्स की तर्ज पर विकसित करने का फैसला लिया है। RUHS को स्वायत्त संस्था बनाया जाएगा और मल्टी-स्पेशलिटी अस्पतालों की स्थापना की जाएगी। साथ ही, राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी (RIC) की गवर्निंग बॉडी का पुनर्गठन भी किया जाएगा।
हरित विकास और गैस आधारित अर्थव्यवस्था पर ज़ोर
राज्य में पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘ग्रीन राजस्थान 2025’ नीति को मंजूरी दी गई है। इसके तहत हरित विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, राजस्थान सिटी गैस वितरण नीति को मंजूरी दी गई है, जिससे पाइपलाइन से गैस आपूर्ति बढ़ेगी और गैस आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त मंत्री जोगाराम पटेल ने बिजली बिलों और जनसुनवाई को लेकर सफाई भी दी।





