मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग आरजीएचएस (RGHS) योजना पर लगातार नजाए बनाये हुए है और शिकायतों पर तत्काल एक्शन ले रहा है, इसी कड़ी में पिछले दिनों सामने आये एक बड़े फर्जीवाड़े में लगातार एक्शन लिए जा रहे हैं, इसी क्रम में सरकार ने एक फर्जीवाड़े में शामिल 8 और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।
आरजीएचएस योजना के सुचारू संचालन के लिए राज्य सरकार लगातार जरूरी कदम उठा रही है। नियम एवं प्रक्रियाओं में जरूरी बदलाव के साथ ही अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक अनियमितताओं के प्रकरणों में करीब 19 एफआईआर की जा चुकी है तथा अस्पतालों, फार्मेसी एवं अन्य हितधारकों से करीब 39 करोड़ रुपये की रिकवरी की गई है।
RGHS योजना के कार्ड का दुरुपयोग किया
उल्लेखनीय है कि आरजीएचएस योजना में अनियमितताएं करने पर पिछले दिनों सात चिकित्सकों को निलंबित किया गया था और एक अस्पताल एवं एक डायग्नोस्टिक सेंटर के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। अब प्राथमिक जांच में पाया गया कि 8 कर्मचारियों ने आरजीएचएस योजना के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं, कार्ड तथा राजकीय धनराशि का दुरुपयोग किया है। यह कृत्य सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन होने के साथ-साथ राजकीय संसाधनों के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। इसे देखते हुए इन कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इन कर्मचारियों पर गिरी गाज
जिन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है उनमें सौरभ कुमार रावत, नर्सिंग ऑफिसर, आर.बी.एम. चिकित्सालय, भरतपुर, मीना कुमारी चौधरी, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, उप स्वास्थ्य केन्द्र खुडासा, भरतपुर, किशन देई, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, उप स्वास्थ्य केन्द्र कुचावटी, जिला डीग, सत्यप्रकाश छावड़ी, नर्सिंग ऑफिसर, जिला चिकित्सालय बयाना, भरतपुर, मंजू कुमारी, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर, उप स्वास्थ्य केन्द्र नगला माय, जिला भरतपुर, तुलसी देवी, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, उप स्वास्थ्य केन्द्र हनुमानपुरा, जिला फलौदी, अनुपमा, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उच्चैन, भरतपुर तथा सुरेश चंद गुप्ता, नर्सिंग ऑफिसर, आर.बी.एम. चिकित्सालय, भरतपुर के नाम शामिल हैं। संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई नियमानुसार जारी रहेगी।





