राजस्थान विधानसभा में गौ माता को ‘राज्य माता’ का दर्जा देने पर सियासी संग्राम, BJP विधायक के सवाल पर सरकार के इनकार के बाद कांग्रेस हमलावर

राजस्थान विधानसभा में गौ माता को 'राज्य माता' का दर्जा देने की मांग पर सियासी घमासान छिड़ गया है। BJP विधायक बालमुकुंद आचार्य के सवाल पर जब सरकार ने इनकार कर दिया, तो कांग्रेस ने इसे मुद्दा बनाते हुए भाजपा को घेरा और सड़क पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
राजस्थान विधानसभा में गौ माता को 'राज्य माता' का दर्जा देने पर सियासी संग्राम, BJP विधायक के सवाल पर सरकार के इनकार के बाद कांग्रेस हमलावर

राजस्थान की सियासत में ‘गौ माता’ को लेकर एक बार फिर उबाल आ गया है। विधानसभा के भीतर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के ही एक विधायक की मांग पर जब सरकार ने ‘ना’ कह दिया, तो यह मुद्दा सदन से निकलकर सड़क की राजनीति का केंद्र बन गया है। कांग्रेस ने इस मौके को लपकते हुए भाजपा पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाया और एक बड़े आंदोलन की घोषणा कर दी है।

यह पूरा विवाद मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान शुरू हुआ, जब जयपुर के हवामहल से भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने गौ माता को ‘राज्य माता’ का दर्जा देने की मांग उठाई। उन्होंने सरकार की भविष्य की योजना को लेकर सवाल किया था, लेकिन जवाब ने एक नई बहस को जन्म दे दिया।

सरकार का इनकार और विपक्ष का वार

विधायक आचार्य के सवाल पर गोपालन विभाग के मंत्री जोराराम कुमावत का जवाब अप्रत्याशित था। उन्होंने सदन में स्पष्ट किया कि सरकार का फिलहाल गौ माता को ‘राज्य माता’ का दर्जा देने का कोई विचार नहीं है। कुमावत ने तर्क दिया कि गौ संरक्षण के लिए राज्य में पहले से ही पर्याप्त कानून मौजूद हैं, इसलिए अलग से किसी दर्जे की आवश्यकता नहीं है।

सरकार के इस रुख के बाद सदन में हंगामा मच गया। कांग्रेस विधायकों ने भाजपा को घेरते हुए कहा कि पार्टी सिर्फ गाय के नाम पर वोट मांगती है, लेकिन जब उसे सम्मान और अधिकारिक दर्जा देने का मौका आता है तो वह पीछे हट जाती है। इस दौरान जयपुर में हुई गोकशी की एक घटना का जिक्र होने से माहौल और गरमा गया।

सड़क पर आंदोलन करेगी कांग्रेस

विपक्ष ने इस मुद्दे को पूरी तरह से भुनाने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे राजनीतिक ईमानदारी से जोड़ा।

“बीजेपी सिर्फ गाय के नाम पर वोट मांगती है। अगर वे सच में गौ माता को पूजनीय मानते हैं तो उन्हें राज्य माता का दर्जा देने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन चलाएगी और जरूरत पड़ी तो सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगी।” — प्रताप सिंह खाचरियावास, कांग्रेस नेता

बहस के दौरान भाजपा विधायक गोपाल शर्मा इतने नाराज हो गए कि वह विपक्ष की ओर बढ़ने लगे, हालांकि बाद में उन्होंने अपने व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। लेकिन इस घटना ने सदन के तनाव को और बढ़ा दिया।

बचाव में उतरी भाजपा सरकार

विपक्षी हमलों के बीच सरकार और भाजपा ने अपना बचाव किया। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम ने कहा कि गौ माता सभी के लिए आस्था का प्रतीक हैं और सरकार उनके संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कांग्रेस पर इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।

वहीं, सवाल पूछने वाले विधायक बालमुकुंद आचार्य ने भी कहा कि उनकी मांग से सरकार पीछे नहीं हटी है और राज्य में गौ सेवा के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। बहरहाल, यह मुद्दा अब राजस्थान की राजनीति का एक बड़ा विषय बन चुका है, जहां भाजपा अपने ही विधायक की मांग पर असहज स्थिति में है और कांग्रेस इसे एक बड़े आंदोलन में बदलने की तैयारी कर रही है।

Banshika Sharma
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कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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