प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती, बस उसे मौका मिलना चाहिए। ऐसे ही एक प्रतिभाशाली शूटर हैं गुलाबीनगर की बेटी अनुया प्रसाद। मूक-बधिर होने के बावजूद अनुया ने वह कर दिखाया, जिसे करने में कई बड़े शूटर भी असफल रहते हैं। अनुया ने जापान में होने वाले 25वें समर डेफ ओलंपिक्स 2025 के लिए क्वालीफाई कर देश और राजस्थान का नाम रोशन कर दिया।
अंतरराष्ट्रीय सफलता और लक्ष्य
अनुया ने 2024 में जर्मनी के हनोवर में आयोजित वर्ल्ड डेफ शूटिंग चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में स्वर्ण पदक जीत कर इतिहास रचा। वह इस उपलब्धि को हासिल करने वाली सबसे छोटी शूटर थीं। अनुया ने इशारों के जरिए बताया कि अब उनका लक्ष्य डेफ ओलंपिक्स में स्वर्ण पदक जीतना है और इसके लिए वह दिन-रात कड़ी मेहनत कर रही हैं। उनके मामा किंशुक शर्मा ने बताया कि भोपाल की शूटिंग अकादमी में आयोजित सलेक्शन ट्रायल में अनुया ने 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल में क्वालीफाई किया।
प्रशिक्षण और कड़ी मेहनत
अनुया ने बहुत छोटी उम्र में ही शूटिंग शुरू कर दी थी। उन्होंने अपने सीनियर्स शूटरों को देखकर कई तकनीकें सीखी। उनकी कैचिंग पावर गजब की है—एक बार किसी चीज को देखने के बाद वह तुरंत उसे समझ लेती हैं। सामान्य बच्चों के साथ कोचिंग करने के दौरान भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। अनुया अपने कोच के इशारों और इंस्ट्रक्शन्स को तुरंत समझती हैं और अभ्यास में लगातार सुधार करती रहती हैं। 10 मीटर एयर पिस्टल में वह हर्षवर्धन सिंह राजावत से और 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल में योगेश शेखावत से ट्रेनिंग ले रही हैं।
अब तक की उपलब्धियां
शूटिंग करियर में अनुया अब तक 25 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेडल जीत चुकी हैं। इनमें 1 अंतरराष्ट्रीय गोल्ड, 9 राष्ट्रीय मेडल (4 गोल्ड, 2 सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज) और 15 राज्य एवं अन्य प्रतियोगिताओं के मेडल (8 गोल्ड, 7 सिल्वर) शामिल हैं। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें देश और राज्य के लिए गर्व का कारण बना दिया है। अब टोक्यो में होने वाले डेफ ओलंपिक्स में अनुया का लक्ष्य और ऊँचा है, और उनके परिवार और प्रशिक्षक पूरी उम्मीद रखते हैं कि वह अपने निशाने से इतिहास रचेंगी।





