राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के बयानों पर पलटवार करते हुए इसे जनता के साथ ‘क्रूर मजाक’ बताया और आरोप लगाया कि ‘डबल इंजन’ की सरकार ने राजस्थान को विकास की पटरी से उतार दिया है। जूली ने ERCP से लेकर कानून-व्यवस्था तक, कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा नेता जिन ‘ऐतिहासिक दौरों’ का प्रचार कर रहे हैं, उनकी हकीकत प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए केवल बयानबाजी कर रही है, जबकि धरातल पर स्थिति बेहद खराब है।
ERCP पर वादाखिलाफी और रिफाइनरी पर चुप्पी क्यों?
पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) के मुद्दे पर टीकाराम जूली ने केंद्र और राज्य सरकार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अजमेर में किए गए वादे की याद दिलाई और कहा कि भाजपा अब इस पर चर्चा से भी भाग रही है।
“मदन राठौड़ आज उन वादों पर चर्चा करने से भाग रहे हैं जो खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजमेर की धरती से ERCP को लेकर किए थे। राजस्थान की जनता भूली नहीं है कि प्रधानमंत्री ने इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने का आश्वासन दिया था। आज अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए ‘रामजल सेतु’ जैसे नए नाम गढ़े जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर प्यासे कंठों को पानी मिलना अब भी दूर की कौड़ी है।” — टीकाराम जूली, नेता प्रतिपक्ष
इसके साथ ही उन्होंने पचपदरा रिफाइनरी के उद्घाटन में हो रही देरी पर भी सवाल खड़े किए। जूली ने पूछा, “मदन राठौड़ जी विकास की बातें तो बहुत करते हैं, लेकिन क्या वे बताएंगे कि पचपदरा रिफाइनरी का काम पूरा होने के बावजूद उद्घाटन क्यों अटका है? क्या राज्य की भाजपा सरकार को प्रधानमंत्री कार्यालय से तारीख तक नहीं मिल पा रही है?” उन्होंने इसे भाजपा के विकास विजन की कमी और सिर्फ श्रेय लेने की राजनीति का प्रमाण बताया।
बिगड़ती कानून-व्यवस्था और जन समस्याएं
टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि लूट, हत्या और गैंगवार की बढ़ती घटनाओं ने साबित कर दिया है कि पुलिस का इकबाल खत्म हो चुका है और अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं।
जूली ने तंज कसते हुए कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब कानून-व्यवस्था ध्वस्त है, तब सत्ताधारी दल के नेता सिर्फ ‘गाल बजाने’ और खोखली वाहवाही लूटने में व्यस्त हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार की संवेदनहीनता के कारण आज प्रदेश का हर वर्ग त्रस्त है। किसान बिजली की कमी से जूझ रहे हैं, फसलें बर्बाद हो रही हैं और बस संचालकों की हड़ताल से आम जनता का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ‘पांच साल बनाम दो साल’ की खुली बहस की चुनौती से डरकर भाग गई है क्योंकि उनके पास गिनाने के लिए एक भी उपलब्धि नहीं है।






