राजस्थान में राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा पर वोट चोरी और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए 15 सितंबर से 15 अक्टूबर 2025 तक चलने वाले “वोट चोर-गद्दी छोड़” हस्ताक्षर अभियान की घोषणा की है। अभियान की तैयारियों के लिए प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई, जिसमें प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे।
अभियान की रूपरेखा और प्रथम चरण
अभियान के पहले चरण में 15 से 17 सितंबर तक जिला स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसमें सभी जिला कांग्रेस कमेटियों के पदाधिकारी, जिला प्रभारी और अभियान प्रभारी भाग लेंगे। बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ रणनीति बनाई जाएगी और प्रत्येक जिले में हस्ताक्षर अभियान की तैयारियां पूरी की जाएंगी। डोटासरा ने बताया कि इस चरण में पार्टी पदाधिकारियों द्वारा हस्ताक्षर जुटाए जाएंगे और अभियान की नींव को मजबूत किया जाएगा।
घर-घर पहुंचकर आमजन से हस्ताक्षर
दूसरे चरण में ब्लॉक, मण्डल और नगर कांग्रेस स्तर तक अभियान को बढ़ाया जाएगा। कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता घर-घर जाकर आमजन से ज्ञापन पर हस्ताक्षर लेकर भाजपा की वोट चोरी के खिलाफ जनमत संग्रह करेंगे। इस अभियान के दौरान भाजपा द्वारा सरकार बनाने के लिए allegedly किए गए अवैध कार्यों और केंद्र-राज्य सरकार की विफलताओं को भी उजागर किया जाएगा। डोटासरा ने बताया कि यह कदम लोगों को जागरूक करने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
निकाय चुनाव और प्रशासनिक मुद्दे भी अभियान का हिस्सा
अभियान में कांग्रेस निकाय चुनावों के मुद्दे को भी प्रमुखता देगी। डोटासरा ने कहा कि राजस्थान में निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बावजूद भाजपा ने चुनाव नहीं कराए। इसके अलावा, कांग्रेस राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को ठंडे बस्ते में डालने के तरीके को भी जनता के सामने लाएगी। इस अभियान के माध्यम से पार्टी प्रदेशवासियों को भाजपा की कथित असफलताओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं में अड़चन के बारे में जानकारी देगी।





