
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उपराष्ट्रपति चुनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष ने अपना उम्मीदवार इसलिए खड़ा किया क्योंकि देश में ऐसा माहौल बन गया है कि सत्तापक्ष विपक्ष को सही सम्मान नहीं देता। मंगलवार (19 अगस्त) को न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में गहलोत ने कहा, “जो सम्मान विपक्ष और विपक्ष के नेताओं को राज्यसभा और लोकसभा में देना चाहिए, वो व्यवहार उनके साथ नहीं किया गया। इसलिए ये फैसला होना ही था।” उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम लोकतंत्र के हित में लिया गया।
बी सुरदर्शन रेड्डी को समर्थन
अशोक गहलोत ने विपक्ष के उम्मीदवार बी सुरदर्शन रेड्डी की तारीफ की। उन्होंने कहा, “इनकी बहुत शानदार छवि है। निष्ठावान और अनुभवी हैं। इंडिया गठबंधन ने ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया है, तो इससे अच्छा संदेश गया है। यह लड़ाई केवल पद की नहीं बल्कि विचारधारा की है।” गहलोत ने कहा कि गुप्त मतदान के चलते आगे क्या होगा, यह देखना बाकी है।
राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा पर प्रतिक्रिया
अशोक गहलोत ने बिहार में चल रही राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है बल्कि इसका संदेश पूरे देश में है। गहलोत ने कहा, “दबाव में संस्थाएं काम करेंगी, सीबीआई, इनकम टैक्स, ईडी ये सभी संस्थाएं लोकतंत्र के लिए जरूरी हैं। सरकार का जो दृष्टिकोण है, वह सही नहीं है और जनता अब इसे समझ रही है। इनके ग्राफ अब नीचे आ रहा है।”
चुनाव आयोग पर निशाना
गहलोत ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वोट चोरी जैसे आरोपों पर चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में लीपा-पोती कर दी। गहलोत ने कहा, “कोई आरोप लगते हैं तो जवाब देना आयोग का काम है, बहस करना उनका काम नहीं। चुनाव आयोग जिस प्रकार से राहुल गांधी को टारगेट करके टिप्पणी करता है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह स्थिति लोकतंत्र के लिए चुनौतीपूर्ण है और विपक्ष की आवाज को दबाना ठीक नहीं है।
