महाराष्ट्र से उत्तरप्रदेश जा रहे मजदूर की राजगढ़ में मौत, रास्ते में तबियत बिगड़ने के बाद दम तोड़ा

महाराष्ट्र से उत्तरप्रदेश जा रहे मजदूर की राजगढ़ में मौत, रास्ते में तबियत बिगड़ने के बाद दम तोड़ा

राजगढ़

महाराष्ट्र से उत्तरप्रदेश जा रहे एक मजदूर की राजगढ़ में तबियत बिगड़ने से मौत हो गई।इस दुखद हादसे के बाद उसके शव को कोरोना जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया ,वही मृतक मजदूर के दो अन्य साथियों को 14 दिनों के लिए आइसोलेट किया गया है ।

लाकडाउन में कामकाज बंद होने व खर्च के पैसे जब खत्म हो गए तो महाराष्ट्र में काम करने वाले कुछ मजदूर महाराष्ट्र से उत्तरप्रदेश अपने घर के लिए पैदल निकल पड़े। कुछ किलोमीटर चलने के बाद रास्ते मे एक ट्रक में किराया देकर बैठ गए ,इन्हीं मजदूरो में बैठे संतराज शाहनी उम्र 32 वर्ष निवासी मलाहरगंज उत्तरप्रदेश की तबियत बिगड़ने लगी ,जिसके बाद वो अपने दो साथी मजदूरों के साथ मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में उतर गया। कुछ दूर पैदल चलने राजगढ़ जिले उदनखेड़ी के टोल टैक्स के समीप संतराज को चक्कर आया और वह गिर गया। इलाज के लिए संतराज के दो साथी मजदूरों ने एम्बुलेंस बुलाने के लिए 108 पर कॉल किया , लेकिन जब तक एम्बुलेंस आई तब तक संतराज ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद मौके पर पुलिस पहुची ओर मौत के बाद मजदूर के शव को कोरोना जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया ,वही मृतक मजदूर के दो अन्य साथियों को 14 दिनों के लिए आइसोलेट किया गया है ।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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