राजगढ़ में बैंड बाजे के साथ बन्दर की अंतिम यात्रा, शामिल हुआ पूरा गाँव

राजगढ़ में बैंड बाजे के साथ बन्दर की अंतिम यात्रा, शामिल हुआ पूरा गाँव

राजगढ़, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश के एक गांव से ऐसा मामला सामने आया है जहां पर बंदर की मौत पर मातम पसर पड़ा। पूरे विधि विधान के साथ बैंड बाजे की धुन पर बंदर की अंतिम यात्रा निकाली गई। बन्दर की अंतिम यात्रा में भावुक हो पूरा गाँव शामिल हुआ ।

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घटना राजगढ़ जिले के खिलचीपुर तहसील के नजदीक ग्राम डालूपुरा की है जहां एक बंदर ठंड से कांपते हुए आया, ठंड से कांपते देख बन्दर को ग्रामीणों ने आग के आगे बैठा कर उसे गर्मी देने की कोशिश की, लेकिन इसके बावजूद बन्दर की तबियत बिगड़ने लगी। इसके बाद उसे खिलचीपुर अस्पताल में डाक्टर को दिखा गया, जहाँ इलाज के बाद ग्रामीण उसे गाँव वापस ले आये।वापस लाने के कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई।

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बन्दर की मौत को लेकर डालूपुरा गांव के ग्रामीण व महिलाएं भावुक हो गए। जैसे ही बन्दर की मृत्यु की सूचना क्षेत्रवासियों को जैसे ही लगी वे भारी संख्या में एकत्रित हुए और शव यात्रा के लिए डोल बनाया और उन्होंने धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ बैंड बाजे सहित मृत बंदर की शव यात्रा निकाली। यात्रा में पूरे गाँव के लोग शामिल हुए। गांव की महिलाएं भी बन्दर की अंतिम यात्रा के पीछे भजन गाते हुए चल रही थी। गांव के बाहर बन्दर का अंतिम संस्कार किया गया। डालूपुरा गांव के बिरम सिंह चौहान ने बताया कि बंदर को हनुमान जी का स्वरूप माना जाता है लिहाजा हिंदू रीति रिवाज से सभी गाँव वासियों ने बन्दर की बैंड बाजे के साथ अंतिम यात्रा निकाली जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार किया गया ।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

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