फर्ज के लिए शादी कुर्बान! इस पुलिस वाले की कहानी पढ़कर आप भी करेंगे सलाम

फर्ज के लिए शादी कुर्बान! इस पुलिस वाले की कहानी पढ़कर आप भी करेंगे सलाम

राजगढ़| मनीष सोनी| देश भर में कोरोना के खिलाफ जारी जंग में पुलिस अपनी जान की परवाह न करते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है| संकट के इस समय में पुलिस के जवान अपने कर्तव्य के लिए सब कुछ छोड़ सड़कों पर तैनात है| एक ऐसे ही पुलिसकर्मी की कहानी हम आपको बताने जा रहे हैं, जिन्होंने फर्ज के लिए अपनी शादी को आगे बढ़ा दिया|

राजगढ़ जिले के माचलपुर थाने पर पदस्थ एसआई जितेंद्र अजनारे धार जिले के मनावर के रहने वाले हैं ,उनकी शादी मनावर की ही रहने वाली कोमल के साथ 4 अप्रैल 2020 याने की आज ही के दिन होना थी, चार माह पहले ही शादी की तारिख तय हो गई थी, जिसको लेकर एस,आई जितेंद्र अजनारे को 20 दिन की छुट्टी भी मंजूर हो गई थी । शादी को लेकर दोनों ही परिवारों ने पूरी तैयारियां कर रखी। मैरिज गार्डन से लेकर बैंड बाजे तक सब तैयार थे, लेकिन अचानक कोरोना का कहर पूरे देश पर आ गया और पूरे देश में लाक डाउन कर दिया गया। लॉक डाउन के बाद से ही एसआई जितेंद्र अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं ओर शादी के लिए ली गई छुट्टी को कैंसिल करवा कर नगर में ड्यूटी कर रहे है ।

शादी की तारीख नजदीक आते-आते परिजनों का दबाव भी शादी के लिए जितेंद्र पर बढ़ने लगा। दोनों परिवार एक ही स्थान से होने से परिजनों ने कहा परिवार के लोग मिलकर ही शादी कर लेंगे लेकिन जितेंद्र उसके बाद भी नहीं माना। जितेंद्र ने शादी से साफ इनकार कर दिया, उन्होंने कहा पहले मेरा कर्तव्य, ड्यूटी उसके बाद शादी। जब तक देश से कोरोना नहीं भागेगा तब तक में शादी नहीं करूंगा । मैं पुलिस विभाग में पदस्थ हूं और लोगों की सुरक्षा मेरी पहली जिम्मेदारी है ,पहले में इस जिम्मेदारी को निभा लूंगा उसके बाद धूमधाम से शादी करूंगा। जितेंद्र के इस निर्णय पर उनकी होने वाली अर्धांगिनी ने भी मोहर लगाई और परिजनों से कहा उन्हें पहले ड्यूटी करने दो, फिर हम शादी करेंगे। इसके बाद परिवार के लोग तैयार हो गए ,दोनो के परिजनों ने चर्चा कर इस पुलिस अधिकारी की शादी की डेट आगे बढ़ा दी है । ओर एस आई जितेंद्र नगर माचलपुर में लाकडाउन की व्यवस्था सम्भाले हुई है, ओर अपनी ड्यूटी को कर रहे है ।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews