लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस की ओर से SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज किए जाने के विरोध में देशभर में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन रहे हैं। इस बीच, मध्यप्रदेश के राजगढ़ में भी जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता खिलचीपुर नाके पर जमा हुए और प्रदर्शन किया।
बता दें कि राजगढ़ में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे लेकर नारेबाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। कांग्रेस के इस प्रदर्शन को लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा पहले से ही इंतजार किए जा चुके थे। यहां पुलिस बल तैनात और बैरिकेडिंग की गई थी। कांग्रेस नेताओं को आगे जाने से रोका गया तो वे गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गए एवं जमकर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम दो अलग-अलग ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपे।

कांग्रेस ने घटना को बताया दलित समाज का अपमान
कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रियव्रत सिंह ने बताया कि हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम से संबंधित मंच को पूजा पाठ कर गंगाजल से धोए जाने की घटना सामने आई है। कांग्रेस ने इसे दलित समाज का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि खरगे देश के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। यदि उनके साथ जाति के आधार पर भेदभाव की घटना हो सकती है तो आम अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रियव्रत सिंह ने आगे कहा कि जब लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को उठाकर जनता के सामने रखा तो उनके खिलाफ ही एससी-एसटी एक्ट के तहत FIR दर्ज कर दी गई। कांग्रेस पार्टी इसे काफी बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज प्रकरण वापस लेने की मांग की।

राहुल गांधी पर SC/ST एक्ट लगने की मुख्य वजह
बता दें कि हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की उत्तराखंड के हल्द्वानी में रैली के बाद कार्यक्रम स्थल को पूजा पाठ कर गंगाजल से धोकर शुद्ध करने की घटना सामने आई थी। जैसे ही यह घटना सामने आई तब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे जातिगत भेदभाव और छुआछूत से जोड़ते हुए सवाल उठाए थे। इसके बाद एक दलित समाज के व्यक्ति् ने शिकायत देकर आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने धार्मिक अनुष्ठान को गलत तरीके से जातिगत रंग दिया और इससे अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाएं आहत हुईं। इसी शिकायत के आधार पर SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।





