मध्य प्रदेश की राजगढ़ पुलिस ने साइबर तकनीक का शानदार इस्तेमाल करते हुए एक बड़े अभियान में 1.8 करोड़ रुपये कीमत के 451 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। ‘ऑपरेशन ट्रेस एंड रिटर्न’ नामक इस विशेष अभियान के तहत ये फोन न केवल मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से, बल्कि बिहार, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से भी ट्रेस कर वापस लाए गए हैं।

लगातार बढ़ रही मोबाइल गुम होने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए राजगढ़ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार तोलानी के निर्देशन में यह अभियान शुरू किया गया था। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और केंद्र सरकार के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल का प्रभावी ढंग से उपयोग कर इन मोबाइलों की लोकेशन का पता लगाया।

चार राज्यों तक फैला था नेटवर्क

पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि राजगढ़ जिले से गुम हुए ये मोबाइल फोन देश के अलग-अलग हिस्सों में इस्तेमाल किए जा रहे थे। साइबर सेल की टीम ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.एल. बंजारे के मार्गदर्शन में काम करते हुए एक-एक फोन को ट्रैक किया।

बरामदगी मध्य प्रदेश के देवास, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, गुना, विदिशा, रायसेन, धार, खरगोन, ग्वालियर, रीवा, शिवपुरी और मंदसौर जैसे जिलों से की गई। इसके अलावा, टीम ने अंतरराज्यीय समन्वय स्थापित कर बिहार, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश में चल रहे फोनों को भी सफलतापूर्वक ट्रेस कर बरामद किया।

कैसे काम करता है ‘ऑपरेशन ट्रेस एंड रिटर्न’

यह अभियान पुलिस की साइबर सेल और स्थानीय थानों की एक संयुक्त टीम द्वारा चलाया जा रहा है। उपनिरीक्षक जितेंद्र अजनारे के नेतृत्व में साइबर सेल की टीम ने इस पूरे ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने तकनीकी ट्रैकिंग और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर मोबाइलों की सटीक लोकेशन का पता लगाया।

पुलिस के अनुसार, यह इस अभियान की दूसरी बड़ी सफलता है। इससे पहले भी 350 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके थे, और अब 451 नए फोन मिलने से यह आंकड़ा काफी बढ़ गया है। बरामद किए गए सभी फोनों को उनके असली मालिकों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है।