मध्य प्रदेश के राजगढ़ में जिला अस्पताल में प्रसूता की मौत के बाद परिजनों का हंगामा देखने को मिला। दरअसल, यहां डिलीवरी के कुछ देर बाद एक प्रसूता की मौत हो गई। इससे परिजन नाराज हो गए और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा मचाया।
अस्पताल में हंगामा कर रहे परिजनों का कहना है कि नर्स ने डिलीवरी के नाम पर उनसे रिश्वत ली थी। प्रसव के बाग़ अमरी बाई को गंभीर ब्लीडिंग हुई। लेकिन इसके बावजूद भी इलाज में लापरवाही बढ़ती गई। जिसकी वजह से उसकी जान चली गई।
ये भी पढ़ें
महिला को नहीं मिला इलाज
परिजनों का कहना है कि रात को 12 बजे के करीब अमरी बाई को अचानक ब्लीडिंग शुरू हो गई थी। इस पर महिला की सास ने नर्स को बुलाया। नर्स कमरे में सो रही थी और मदद करने की जगह सोती रही। महिला को समय पर इलाज नहीं मिल पाने की वजह से उसकी मौत हो गई।
नर्स पर रिश्वत लेने का आरोप
परिजनों का कहना है कि वह महिला को दोपहर में अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वहां पर जो नर्स थी उसने बच्चे की स्थिति गंभीर बताते हुए डिलीवरी करने के लिए 5000 रुपए मांगे थे। परिवार ने उसे अपनी आर्थिक स्थित का हवाला दिया। इसके बाद 2 हजार में नर्स ने बात तय की। परिजनों ने नर्स को पैसे से दिए और शाम को 5.30 बजे महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया।
धरने पर बैठे परिजन
जैसे ही घटना की खबर मिली अस्पताल परिसर में महिला के रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सभी यहां पर धरने पर बैठ गए। इनके साथ पूर्व विधायक बापू सिंह तंवर भी धरने पर बैठ गए। इसके बाद एसडीएम निधि भारद्वाज मौके पर पहुंची। उन्होंने ये आश्वासन दिया कि लापरवाही और रिश्वतखोरी के आरोपों की जांच के लिए टीम बनाई जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई है। आश्वासन मिलने के बाद धरना खत्म किया गया। अब शव का पोस्टमॉर्टम करवा लिया गया और रिपोर्ट सामने आने के बाद महिला की मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।