राजगढ़ के किला गेट इलाके में गणेश उत्सव के दौरान ड्यूटी दे रहे एक प्रधान आरक्षक के साथ सरेराह मारपीट और लूटपाट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बाइक सवार बदमाशों ने पुलिस जवान के साथ न केवल अभद्रता की, बल्कि उनकी वर्दी फाड़कर जेब में रखे 6 हजार रुपये, सरकारी पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज भी छीन लिए। वारदात के तुरंत बाद हरकत में आई कोतवाली थाना पुलिस ने घेराबंदी कर मामले में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।
तेज रफ्तार से हुड़दंग मचा रहे युवकों को टोकने पर बढ़ा विवाद
घटना 19 सितंबर की रात करीब 8:50 बजे की बताई जा रही है। किला गेट स्थित झांकी स्थल पर तैनात प्रधान आरक्षक नंदकिशोर मीणा को सूचना मिली थी कि दो मोटरसाइकिलों पर सवार कुछ युवक तेज रफ्तार में चिल्लाते हुए हुड़दंग मचा रहे हैं। जब पुलिसकर्मी ने उन्हें रोककर पूछताछ की, तो वे उस वक्त तो चले गए, लेकिन कुछ ही देर में दोबारा पहुंचकर गाली-गलौज करने लगे। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने पुलिसकर्मी पर हमला कर दिया और खींचतान करते हुए उनकी वर्दी फाड़ दी।
वर्दी फाड़ी और जेब से नकदी समेत पर्स छीनकर हुए फरार
मारपीट के दौरान बदमाशों ने जबरन पुलिसकर्मी की जेब में रखे 5 हजार रुपये और पर्स निकाल लिया। पर्स में 1 हजार रुपये नकद, पुलिस पहचान पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य जरूरी कागजात थे। बदमाश पुलिसकर्मी को घसीटकर पास की घाटी की तरफ ले जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन तभी आसपास के लोगों और अन्य पुलिसकर्मियों को आता देख आरोपी मौके से भागने लगे।
घेराबंदी कर पुलिस ने दबोचे आरोपी
वारदात की खबर मिलते ही कोतवाली पुलिस की टीमों ने तुरंत आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने पीछा करते हुए भारतसिंह तंवर और अनारसिंह तंवर को रास्ते में ही दबोच लिया। इसके बाद बाकी भागे आरोपियों को पकड़ने के लिए ग्राम झंझाड़पुर के पास दुर्गम इलाके में घेराबंदी की गई, जहां से चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपियों में भारतसिंह, अनारसिंह, ललित, कालू, राकेश और धर्मेंद्र तंवर शामिल हैं। मामले में एक नाबालिग की संलिप्तता भी पाई गई है, जिसके खिलाफ बाल न्याय कानून के तहत अलग से कार्रवाई की जा रही है।
तीन आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि पकड़े गए बदमाशों में से तीन के खिलाफ पहले से भी कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी भारतसिंह तंवर पर मारपीट, बलवा और आगजनी जैसे 6 मामले दर्ज हैं, जबकि धर्मेंद्र तंवर पर 4 और राकेश तंवर पर भी आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। कोतवाली पुलिस ने सभी के खिलाफ BNS की सुसंगत धाराओं में अपराध दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।






