बुधवार की सुबह जब लोग अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे, तब किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही पलों में सफर एक दर्दनाक हादसे में बदल जाएगा। जोधपुर से इंदौर जा रही स्लीपर बस रतलाम के पास एक ट्रक से टकरा गई और चीख-पुकार मच गई।

रतलाम बस हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई लापरवाहियों का नतीजा बनकर सामने आया है। यात्री जो आराम से सो रहे थे, अचानक जोरदार टक्कर से जाग उठे और कई लोग घायल हो गए।

रतलाम बस हादसा कैसे हुआ

यह घटना रतलाम जिले के बिलपांक थाना क्षेत्र में रत्तागिरी फंटे के पास सुबह करीब 7 बजे हुई। गजराज ट्रेवल्स की स्लीपर बस जोधपुर से इंदौर जा रही थी और उसी दौरान यह हादसा हुआ।

हादसे की मुख्य वजह ट्रक का अचानक ब्रेक लगाना था। जानकारी के अनुसार, ट्रक का स्टेयरिंग फेल हो गया, जिससे चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए। पीछे आ रही बस का चालक इस स्थिति को संभाल नहीं पाया और बस सीधे ट्रक से टकरा गई।

इस रतलाम सड़क दुर्घटना में मौसम भी एक बड़ा कारण बना। उस समय हल्की बारिश हो रही थी और सड़क पर मरम्मत के बाद बारीक गिट्टी फैली हुई थी, जिससे बस का नियंत्रण बिगड़ गया।

टक्कर इतनी जोरदार कि बस का अगला हिस्सा चकनाचूर

टक्कर इतनी तेज थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कांच टूट गए और बस के अंदर अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री उस समय सो रहे थे, जिससे उन्हें अचानक झटका लगा और वे घायल हो गए।

इस बस-ट्रक टक्कर में पांच यात्री घायल हुए हैं, जो सभी राजस्थान के बाड़मेर जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। घायलों में शेरू, अंबाराम, राजू, विशाल और कृष्णा शामिल हैं। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस की मदद से घायलों को रतलाम मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।

पुलिस जांच और कारणों की पड़ताल

घटना की सूचना मिलते ही सातरुंडा चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, ट्रक के स्टेयरिंग में खराबी आने से यह स्थिति बनी। इस रतलाम बस हादसा मामले में पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इसमें ड्राइवर की लापरवाही, वाहन की स्थिति और सड़क की हालत को भी शामिल किया गया है।

सड़क और मौसम भी बने हादसे की वजह

इस हादसे में सिर्फ वाहन ही नहीं, बल्कि सड़क और मौसम की स्थिति भी जिम्मेदार रही। हल्की बारिश के कारण सड़क फिसलन भरी हो गई थी और मरम्मत के बाद फैली गिट्टी ने स्थिति और खराब कर दी। इस तरह की परिस्थितियों में ड्राइविंग और भी सावधानी से करनी चाहिए। खासकर हाईवे पर, जहां तेज रफ्तार आम बात होती है।