रतलाम पुलिस ने पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए एक अच्छी पहल की है। पुलिस लाइन परिसर में पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए ‘कणिक बाल उद्यान’ तैयार किया गया है।
रविवार को उज्जैन आईजी राकेश गुप्ता ने इसका शुभारंभ किया। इस बाल उद्यान को खास तौर पर पुलिस परिवारों के बच्चों के लिए तैयार किया गया है, ताकि उन्हें घर के पास ही खेलने और समय बिताने के लिए सुरक्षित जगह मिल सके।
रतलाम पुलिस लाइन में ‘कणिक बाल उद्यान’ का शुभारंभ
रविवार को आयोजित कार्यक्रम में उज्जैन आईजी राकेश गुप्ता ने कणिक बाल उद्यान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के बाद उन्होंने पूरे परिसर का निरीक्षण किया और वहां बच्चों के लिए तैयार की गई सुविधाओं की जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि बाल उद्यान को पुलिस परिवारों के बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
आईजी राकेश गुप्ता ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी के दौरान कई बार लंबे समय तक परिवार से दूर रहते हैं। उनकी जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में लोगों की मदद करना भी है। ऐसे में पुलिसकर्मियों के परिवारों को बेहतर सुविधाएं देना भी पुलिस कल्याण का जरूरी हिस्सा है।
पुलिस परिवारों के बच्चों को मिलेगा सुरक्षित खेलने का स्थान
रतलाम एसपी अमित कुमार ने बताया कि पुलिस लाइन परिसर में बनाए गए कणिक बाल उद्यान का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों के बच्चों को खेल-कूद और मनोरंजन के लिए सुरक्षित जगह उपलब्ध कराना है। इसके लिए बच्चों की उम्र और उनकी जरूरतों को ध्यान में रखकर अलग-अलग गतिविधियों के लिए व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं।
पुलिस लाइन में रहने वाले परिवारों के लिए यह सुविधा इसलिए भी खास है क्योंकि बच्चों को खेलने के लिए अब परिसर से बाहर जाने की जरूरत कम होगी। वे अपने ही आसपास सुरक्षित वातावरण में समय बिता सकेंगे। इससे माता-पिता भी बच्चों को लेकर ज्यादा निश्चिंत रह सकेंगे।
बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी मददगार
बच्चों के लिए खेलना केवल मनोरंजन नहीं है। खेल और शारीरिक गतिविधियां उनके शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ उन्हें सक्रिय भी बनाती हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए कणिक बाल उद्यान में बच्चों के लिए खेल और मनोरंजन से जुड़ी व्यवस्थाएं की गई हैं।
बच्चों को मोबाइल और टीवी से दूर कुछ समय खेलकूद में बिताने का मौका मिलेगा। खुले वातावरण में खेलने से बच्चों में ऊर्जा बनी रहती है और वे दूसरे बच्चों के साथ मिलकर खेलना सीखते हैं। इसके अलावा, नियमित शारीरिक गतिविधि बच्चों के शारीरिक विकास के लिए भी उपयोगी होती है।
पुलिसकर्मियों की व्यस्त ड्यूटी के बीच परिवारों के लिए राहत
पुलिसकर्मियों की ड्यूटी आम नौकरी से काफी अलग होती है। कानून-व्यवस्था, त्योहार, बड़े कार्यक्रम, वीआईपी ड्यूटी या किसी आपात स्थिति में उन्हें अचानक लंबे समय तक काम करना पड़ सकता है। कई बार छुट्टी के दिन भी ड्यूटी करनी पड़ती है।
ऐसी स्थिति में पुलिसकर्मी के परिवार को भी उसकी व्यस्त दिनचर्या के साथ तालमेल बैठाना पड़ता है। खासकर बच्चों के लिए माता-पिता का समय सीमित होना चुनौती बन सकता है। ऐसे में पुलिस लाइन परिसर में ही बच्चों के लिए मनोरंजन और खेल की सुविधा उपलब्ध होना परिवारों के लिए उपयोगी कदम माना जा रहा है।






