गुप्त नवरात्रि का समय साधना, शक्ति और भक्ति का विशेष पर्व माना जाता है। इसी पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के रतलाम शहर में एक ऐसा धार्मिक आयोजन होने जा रहा है जो पूरे अंचल को आस्था से जोड़ देगा। 19 जनवरी से श्री शिव शक्ति हनुमत महायज्ञ की शुरुआत होगी, जो 25 जनवरी तक चलेगा। इस दौरान रतलाम में धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
गुप्त नवरात्रि में होने वाले आयोजन साधकों और श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं। रतलाम में होने वाला यह 51 कुंडीय महायज्ञ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का भी बड़ा माध्यम बन रहा है।
परम पूज्य आनंद गिरि जी महाराज के आचार्यत्व में होगा महायज्ञ
श्री शिव शक्ति हनुमत महायज्ञ का आयोजन परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री 1008 हिंदूरत्न आनंद गिरि जी महाराज के आचार्यत्व में किया जाएगा। उनके सान्निध्य में होने वाला यह महायज्ञ साधना, मंत्र और यज्ञ की परंपरागत विधियों से संपन्न होगा। आयोजकों के अनुसार, महायज्ञ की पूर्णाहुति 25 जनवरी को विधिविधान के साथ की जाएगी।
इस आयोजन में कई प्रतिष्ठित संतों और महामंडलेश्वरों की उपस्थिति भी रहेगी। परम पूज्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 देवस्वरूपानंद जी महाराज, अखंड ज्ञान आश्रम के महंत श्री नरेंद्र गिरी जी महाराज, महर्षि संजय शिवशंकर दवे, काजल गुरु जागीरदार और राजराजेश्वरी देवी की मौजूदगी से आयोजन की गरिमा और भी बढ़ेगी।
51 कुंडीय महायज्ञ की तैयारियां अंतिम चरण में
रतलाम के दीनदयाल नगर स्थित श्री राधा कृष्ण स्कूल परिसर में यज्ञशाला और मंडप का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। 1 जनवरी से शुरू हुआ यह निर्माण अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। आयोजकों के अनुसार, महायज्ञ के लिए पांच-पांच मंजिला ऊंचे यज्ञ मंडप और यज्ञशाला का निर्माण किया गया है, जो अपने आप में एक अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करेगा।
समाजजनों के सहयोग से तैयार हो रहे इस विशाल यज्ञ परिसर में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यज्ञ कुंडों की रचना, बैठने की व्यवस्था, संतों के निवास और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर पूरी योजना बनाई गई है। यह आयोजन रतलाम के धार्मिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने जा रहा है।
यज्ञशाला पंडाल में हुई अहम बैठक
महायज्ञ की सफलता को लेकर शिवोदय श्री शिव शक्ति साधना सेवा समिति के बैनर तले एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक दीनदयाल नगर स्थित यज्ञशाला पंडाल में हुई, जिसमें नगर के सभी समाजों के प्रतिनिधि, धार्मिक और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में महायज्ञ को सुव्यवस्थित, भव्य और ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित समाजजनों ने यज्ञ मंडप और यज्ञशाला का दर्शन कर व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
गोमाता संरक्षण को लेकर पंपलेट का विमोचन
महायज्ञ के दौरान केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश भी दिया जा रहा है। इसी क्रम में गोमाता संरक्षण से संबंधित पंपलेट का विमोचन किया गया। आयोजकों का कहना है कि गोसंरक्षण भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा है और महायज्ञ के माध्यम से समाज में इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसे आयोजनों के जरिए जब धार्मिक और सामाजिक विषयों को एक साथ जोड़ा जाता है, तो उसका प्रभाव समाज पर गहरा पड़ता है। गोमाता संरक्षण का संदेश भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
19 जनवरी को निकलेगी भव्य कलश यात्रा
श्री शिव शक्ति हनुमत महायज्ञ के शुभारंभ अवसर पर 19 जनवरी को सुबह 9 बजे श्री गोपाल मंदिर, माणक चौक से भव्य और दिव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह कलश यात्रा पूरे नगर में धार्मिक वातावरण बनाएगी और श्रद्धालुओं को महायज्ञ से जोड़ने का कार्य करेगी। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी समाज और संगठन इस कलश यात्रा को सफल बनाने में पूरा सहयोग देंगे। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में इस यात्रा में शामिल होने की संभावना है। हम देख रहे हैं कि कलश यात्रा को लेकर नगर में पहले से ही उत्साह का माहौल है।





