मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। जिले के ग्रामीण क्षेत्र चिकलाना में पुलिस ने अवैध रूप से चल रही एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में नशीले पदार्थ तैयार करने से जुड़ा कच्चा माल, उपकरण और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। मामले में 10 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। ग्रामीण इलाकों में इस तरह की गतिविधियों का सामने आना कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को खंगाल रही है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई, कई थानों की टीम रही मौजूद
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, रतलाम पुलिस को चिकलाना क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। छापेमारी के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा के नेतृत्व में जावरा और कालूखेड़ा थाना क्षेत्र का पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से की गई, ताकि किसी भी आरोपी को भागने का मौका न मिले। पुलिस ने इलाके को घेराबंदी कर अपने नियंत्रण में लिया और संदिग्ध स्थान की तलाशी ली। इसी दौरान ड्रग फैक्ट्री से जुड़ा सामान बरामद हुआ।
छापेमारी में केमिकल घोल और उपकरण जब्त
पुलिस ने मौके से करीब 2 किलो से अधिक केमिकल घोल बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह घोल नशीले पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की श्रेणी में आता है। इसके साथ ही ड्रग तैयार करने में उपयोग किए जाने वाले उपकरण और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब्त किए गए केमिकल की सटीक प्रकृति और श्रेणी की जांच की जा रही है, ताकि यह पुष्टि की जा सके कि इसका उपयोग किस प्रकार के नशीले पदार्थ के निर्माण में किया जा रहा था। सभी सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
10 से ज्यादा लोग हिरासत में
इस मामले में पुलिस ने 10 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है। सभी से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे कब से इस अवैध गतिविधि में शामिल थे और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
पुलिस ने साफ किया है कि फिलहाल सभी आरोपी हिरासत में हैं, और पूछताछ के बाद उनकी भूमिका के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यक साक्ष्य जुटने के बाद गिरफ्तारी और रिमांड की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।





