23 मई को आसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा, मंगल-शुक्र और मून का मिलन, जानें क्यों है खास

astrology

Astronomical Event on 23 May : 23 मई मंगलवार की शाम आसमान में अद्भूत नजारा दिखने वाला है। मंगलवार को दो सितारों , ग्रहों ,चंद्रमा का मिलन होगा। इसमें मार्स , वीनस और मून एक साथ दिखाई देंगे। चमकता शुक्र , लाल मंगल हंसियाकार चांद के साथ जोड़ी बनायेंगे आकाश में सूर्य के अस्‍त होने के बाद पश्चिम आकाश में अद्भुत खगोलीय नजारा दिखने जा रहा है जिसमें हंसियाकार चंद्रमा चमकते शुक्र और लाल ग्रह मंगल के बीच दिखता हुआ मिथुन तारामंडल के तारों के साथ मेलमुलाकात करते दिखेगा ।

नेशनल अवार्ड प्राप्‍त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि सूर्यास्‍त के बाद लालिमा समाप्‍त होने के साथ ही हंसियाकार चंद्रमा के साथ शुक्र(वीनस) अपनी चमक बिखेर रहा होगा तो उसके कुछ उपर मंगल (मार्स) लालिमा के साथ होगा । उसके पास ही मिथुन तारामंडल के जुड़वां तारे पोलुक्‍स एवं कैस्‍टर भी इस मिलन समारोह का हिस्‍सा बनेंगे । इसके साथ ही बिहाईव स्‍टार क्‍लस्‍टर भी इनके आसपास दिखेगा ।

सूर्य से दोगुना विशाल

सारिका ने विद्याविज्ञान कार्यक्रम में बताया कि मिलन करते इन खगोलीय पिंडों के बीच आपस की दूरी करोड़ों किमी होगी लेकिन इनका पृथ्‍वी से बनने वाला कोण इस प्रकार होगा कि वे मिलते से नजर आयेंगे । जुड़वां तारे कहे जाने वाले तारों में से पोलुक्‍स 33 प्रकाश वर्ष दूर है और विकसित लाल विशालकाय तारा है जो कि हमारे सूर्य से दोगुना विशाल है । जबकि केस्‍टर 51 प्रकाशवर्ष दूर नीला तारा है जो हमारे सूर्य से 2.7 गुना अधिक भारी है । रोमन पौराणिक कथाओं के अनुसार पोलक्‍स और केस्‍टर जुड़वां भाईयों का प्रतिनिधित्‍व करते हैं ।

बिहाईव स्‍टार क्‍लस्‍टर

सारिका ने बताया कि इस खगोलीय घटना में चंद्रमा लगभग 1000 तारों के समूह जिसे कि बिहाईव स्‍टार क्‍लस्‍टर कहते हैं के भी समीप दिखेगा । बुधवार (24 मई) शाम के आकाश में भी इस दृश्‍य को देखा जा सकेगा लेकिन तब चंद्रमा आगे बढ़कर मंगल के करीब पहुंच चुका होगा । इस तरह ग्रहों, तारों और उपग्रहों का मिलन समारोह का मनमोहन दृश्‍य दिखने जा रहा है । दोनो ही दिन इसे रात्रि 10 बजे के पहले देखा जा सकेगा ।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews