20 दिसंबर को मनाई जाएगी मार्गशीर्ष माह की मासिक दुर्गाष्टमी, मां दुर्गा की करें विशेष पूजा-अर्चना

Navratri 2023

Masik Durgashtami 2023 : सनातन धर्म में दुर्गाष्टमी को मां दुर्गा के उत्सव के रूप में माना जाता है और यह एक महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा, अर्चना और व्रत करने से भक्तों को माता की कृपा और आशीर्वाद मिलते हैं। लोग इस दिन पूजा करके अपने मनोकामनाओं को पूरा करने की कामना करते हैं। यह पर्व भक्तों को साधना, शक्ति और सामर्थ्य की दिशा में अग्रसर करता है। ऐसी मान्यता है कि मां दुर्गा की कृपा से इस दिन व्रत और पूजा करने वाले व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और उन्हें जीवन में सफलता मिलती है। इसी कड़ी में इस बार यह पर्व मार्गशीर्ष माह में 20 दिसंबर को मनाई जाएगी। जिसके लिए कुछ नियम बनाए गए हैं। जानिए शुभ मुहूर्त और महत्व यहां…

Durga Ashtami 2023

शुभ मुहूर्त

  • 19 दिसंबर को शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत दोपहर 01:07 मिनट पर होगी।
  • जिसका समापन अगले दिन यानि 20 दिसंबर सुबह 11:14 मिनट पर होगा।

कैसे करें मां की पूजा?

  • इस दिन सुबह उठकर सबसे पहले स्नान कर लें।
  • इसके बाद पूजा स्थल पर गंगाजल डालकर उसकी शुद्धि करें।
  • फिर मां दुर्गा की प्रतिमा या फिर फोटो पर गंगाजल छिड़ककर अभिषेक करें।
  • घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें।
  • जिसके बाद मां को अक्षत, सिंदूर, चादर, चावल, दीप, अदरक, सुपारी, नारियल, फल और पुष्प अर्पित करें।
  • इस दौरान मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें।
  • फिर माता रानी की आरती उतारें और प्रसाद चढ़ाएं।
  • अंत में मां का आशीर्वाद प्राप्त करें।

किन चीजों की है मनाही?

  • इस दिन किसी का अपमान नहीं करना चाहिए।
  • तामसिक भोजन का सेवन वर्जित है।
  • इसके अलावा, धूम्रपान और मदिरा की भी मनाही होती है।
  • इस दिन खास ख्याल रखें कि सुबह के पूजा के बाद दिन में ना सोएं।
  • किसी से भी विवाद ना करें। झूठ बोले से बचें।
  • माता के यहां पर जो दीप प्रज्वलित की गई है वह ना बुझे।

क्या है व्रत के नियम?

  • दुर्गाष्टमी के दिन घर को खाली ना छोड़े।
  • इस दिन सुबह से शाम तक कुछ भी नहीं खाना चाहिए।
  • शाम को माता रानी की विधि-विधान से पूजा अर्चना करें।
  • इस दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करना शुभ माना जाता है।
  • सूर्यास्त के बाद आप फल या फिर मिठाई का सेवन कर सकती हैं।

जानिए मासिक दुर्गाष्टमी का महत्व?

धर्मिक दृष्टिकोण से मासिक दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों के सारे पापों का नाश हो जाता है। वे इस दिन अपनी भक्ति, श्रद्धा और समर्पण के साथ मां दुर्गा की पूजा करते हैं। मां दुर्गा का आशीर्वाद साधक के जीवन में समृद्धि, सुख, और सम्मान का स्रोत माना जाता है।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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