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7 मार्च को मनाई जाएगी फाल्गुन माह की दुर्गा अष्टमी, इस दिन बन रहा ये खास संयोग

Written by:Sanjucta Pandit
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दुर्गा अष्टमी के दिन लोग मां दुर्गा की पूजा करते हैं, उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं और उनसे आशीर्वाद मांगते हैं। मंदिरों में भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है।
7 मार्च को मनाई जाएगी फाल्गुन माह की दुर्गा अष्टमी, इस दिन बन रहा ये खास संयोग

Masik Durga Ashtami : हिंदू पंचांग के अनुसार, हर महीने की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गा अष्टमी मनाई जाती है, जो कि देवी दुर्गा को समर्पित होती है। इस दिन भक्तगण श्रद्धापूर्वक माता की पूजा-अर्चना करते हैं। परिवार में सुख शांति के लिए उनसे आशीर्वाद मांगते हैं। कुछ भक्त इस दिन व्रत भी रखते हैं, जिससे उनके जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। साथ ही जीवन में आ रही बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

इस दिन मां को उनका फूल, फल और प्रसाद भक्तों द्वारा अर्पित किया जाता है। मां दुर्गा की कृपा से भक्तों को मानसिक शांति की प्राप्ति होती है।

शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 6 मार्च को सुबह 10:50 पर होगी। जिसका समापन अगले दिन यानी 7 मार्च को सुबह 9:18 पर होगा। उदय तिथि के अनुसार, 7 मार्च को फाल्गुन महीने की दुर्गा अष्टमी मनाई जाएगी।

मनोकामनाएं होंगी पूर्ण

ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, इस बार फाल्गुन महीने में पड़ने वाली दुर्गा अष्टमी काफी लाभदायक होने वाली है। इस दिन भद्रवास का संयोग बना रहा है, जो कि सुबह 10:50 से लेकर रात 10:01 तक है। इस दौरान पूजा-अर्चना करने पर जातकों को विशेष परिणाम मिल सकते हैं। उनकी हर मनोकामनाएं पूरी हो सकती है।

महत्व

बता दें कि दुर्गा अष्टमी के दिन लोग मां दुर्गा की पूजा करते हैं, उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं और उनसे आशीर्वाद मांगते हैं। मंदिरों में भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। कुछ जगहों पर इसे बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। उन्हें सफलता और धन की प्राप्ति होती है।

ऐसे करें पूजा

  • सबसे पहले इस दिन सुबह उठकर स्नान करें।
  • फिर साफ-सुथरे वस्त्र पहन लें।
  • अब पूजा स्थल को साफ करें।
  • मां दुर्गा की मूर्ति या छवि को स्थापित करें।
  • पूजा शुरू करने से पहले कलश स्थापित करें।
  • इसमें पानी भरकर सुपारी, लौंग, इलायची, धातू, रुई और बत्ती डालें।
  • पूजा के लिए दीप, अगरबत्ती, फूल, रंगों की रोली, चावल, फल, मिठाई, नारियल, तिल आदि तैयार रखें।
  • अब दीप जलाकर मां दुर्गा की पूजा आरंभ करें।
  • आप इस दौरान दुर्गा मंत्रों का भी जाप कर सकते हैं।
  • पूजा के बाद मां दुर्गा की आरती उतारे।
  • पूजा समाप्ती के बाद प्रसाद बांटें।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit
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